भागलपुर : बाल-बाल बच गई 12 साल की नाबालिग बच्ची, पैसों के लिए हो रहा था सौदा

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नाबालिक की शादी

भागलपुर: यूं तो नया साल शुरू हो चुका है. लेकिन आज भी हमारा समाज कुप्रथा से मुक्ति नहीं पा सका है. लोग आज भी मासूमों की बलि बनाकर उनका यूज़ करते नहीं थकते. एक तरफ तो जागरूकता अभियान चला हुआ है और वहीँ दूसरी ओर समाज में नाबलिकों की शादी कर दी जाती है. हालिया वाकिया है बिहार के भागलपुर का. जहां एक 12 साल की लड़की की शादी एक अधेड़ से तय कर दी गई थी. लेकिन देर होने से पहले प्रशासन ने यूज़ बचा लिया.

बिहार में इन दिनों शराबबंदी और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का सिलसिला जारी है. कई लोगों ने सरकार के इस अभियान को सपोर्ट करते हुए बिना दहेज शादी भी की. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की ओर से ऐसे लोगों को सम्मानित करने की बात भी कही गयी. दहेज प्रथा और बाल विवाह के विरोध में पूरे बिहार में सकारात्मक अभियान चल रहा है और इसका साफ असर भी देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में भागलपुर में मात्र एक 12 साल की लड़की को अधेड़ के हाथों बिकने से स्थानीय प्रशासन ने बचा लिया. शादी भी ऐसी जिसके बारे में जानकर सब लोग आश्चर्य कर रहे हैं.

मात्र 4 हजार रुपये के लिए अपनी ही बच्ची को एक पिता अधेड़ के हाथों में सौंप  रहा था.
मामले के बारे में जानकारी मिलने के बाद जिले के रंगरा चौक प्रखंड के बीडीओ रघुनंदन आनंद ने 12 वर्षीया नाबालिक लड़की को यूपी के गोरखपुर के अधेड़ के साथ बिकने से बचाया.

बीडीओ रघुनंदन आनंद ने बताया कि रंगरा गांव के सुबोध यादव की 12 वर्षीय नाबालिग पुत्री की शादी यूपी के गोरखपुर के अधेड़ से होने की जानकारी मिली. शादी के एवज में रुपयों के लेन-देन की सूचना मिली. बतौर अग्रिम चार हजार रुपये लड़की के माता-पिता को लड़के वालों ने दिया.
शुक्रवार को दिन में शादी की तैयारी सुबोध यादव ने शुरू कर दी. दिन में शादी की रस्म पूरी कर रात में गोरखपुर जाने का कार्यक्रम बनाया गया था. साथ ही बाकी रकम गुरुवार की शाम तक देना था. इसी बीच बीडीओ रघुनंदन आनंद रंगरा ओपीध्यक्ष कौशल कुमार के साथ रंगरा गांव पहुंच कर सुबोध यादव से उसकी नाबालिग पुत्री की शादी के बारे में जानकारी लेकर उसे शादी करने से मना कर. उससे बालिग होने के बाद ही अपनी बेटी की शादी कराने का बंधपत्र पर हस्ताक्षर करवाया. इस प्रकार बीडीओ विशाल आनंद की तत्परता से बालिका वधू बनने से बच गयी. बीडीओ की इस पहल का ग्रामीणों ने स्वागत किया.

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