भागलपुर में ठंड का कहर : कोहरे के कारण लेट चल रही ट्रेन, फिर गिरा पारा

भागलपुर: एक तरफ नये साल का सेलिब्रेशन तो वहीँ दूसरी ओर ठंड का सितम. हालत ये है की जैसे जैसे दिन बीतता जा रहा है ठंड बढ़ता ही जा रहा है. लोगों का बुरा हाल हो गया है. हालांकि बच्चों को जरुर राहत है क्यूंकि डीएम अंकल ने स्कूल फिर से बंद करवा दिया है. ठंड में सामान्य रातों की तुलना में तापमान 8 डिग्री गिरा और मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान 4 डिग्री दर्ज किया. दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. ठंड में अमूमन दिन में रहने वाले सामान्य अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री में भी 8 डिग्री की गिरावट रही.

 मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज किया. इससे पहले 6 जनवरी 2014 को मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान 4 और अधिकतम 14.5 डिग्री तापमान दर्ज किया था. पश्चिमी विक्षोभ में बने सिस्टम से ठंड बढ़ी तो दिनभर ठंडी हवाओं के थपेड़ों ने शहर को शीतलहर की चपेट में ले लिया। रात भी सर्द रही. ट्रेनें 34 घंटे तक देरी से चलीं, जबकि अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या आधी हो गई. गुरुवार रात से छाया काेहरा शुक्रवार सुबह 11 बजे तक छाया रहा. सुबह 7 बजे तक विजिबिलटी जीरो रही. हवा की तेज रफ्तार से शहर में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने पूरे शहर में शीतलहर बढ़ा दी.

7 दिन राहत की संभावना कम

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों में प्रदेशभर में मौसम ठंडा रहेगा. जिले और आसपास के क्षेत्रों में सुबह कोहरा रहेगा. दोपहर में हल्की धूप निकलेगी, लेकिन सुबह और रात में हाड़ कंपाने वाली सर्दी रहेगी. मौसम वैज्ञानिक ने बताया, एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर की तरफ है. इससे दिल्ली की ओर से 2-3 दिन बाद हल्की हवाएं पहुंच सकती हैं. इससे तापमान में गिरावट रहेगी. सात दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 15 से 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है.

2003 में 1.2 डिग्री भी रहा था भागलपुर जिले का तापमान

मौसम विभाग ने बताया कि ठंड में पूरे साल के किसी भी दिन (एक या दो दिन) न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक रहा है. अभी पड़ रही सर्दी 17 में पड़ी ठंड से कम है. 2003 में जिले में मौसम का मिजाज बेहद तल्ख था. तापमान 1.2 डिग्री तक दर्ज किया गया है.

ओपीडी में मरीज कम हुए

मायागंज अस्पताल व सदर अस्पताल में बढ़ती ठंड से मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन सर्दी-खांसी, बुखार और गठिया के मरीज बढ़े हैं. मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 1800 से गिरकर 900 हो गई. सदर अस्पताल की ओपीडी भी 500 से घटकर 200 रह गई है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*