भागलपुर में जल्द खुलेगा Eye बैंक, नेत्रहीनों को मिलेगी दृष्टि

Eye
प्रतीकात्मक

भागलपुरः जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नेत्र विभाग में आइ बैंक खुलेगा. फिलहाल अभी सूबे के आइजीआइएमएस पटना में ही नेत्र बैंक संचालित है. जेएलएनएमसीएच में आइ बैंक खुल जाने से लोगों को अब कॉर्निया ट्रांसप्लांट कराने के लिए पटना नहीं जाना पड़ेगा.

जेएलएनएमसीएच में भी अब दृष्टिहीनों को दृष्टि मिलेगी. इसके लिए पूर्व बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जेएलएनएमसीएच में आइ बैंक खोला जाएगा. यह निर्णय मंगलवार और बुधवार को पटना में हुई स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया. बैठक में प्रधान सचिव के अलावा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं अस्पताल अधीक्षक शामिल हुए.

600 वर्ग फीट में बनेगा आइ बैंक, लागत होगी 35 से 40 लाख रुपये
जेएलएनएमसीएच के नेत्र विभाग में 600 वर्ग फीट क्षेत्रफल में यह आइ बैंक खुलेगा. इसमें करीब 35 से 40 लाख रुपये की लागत आने की उम्मीद है. इसके तहत नेत्र विभाग में रेनोवेशन का काम जल्द ही शुरू कराया जायेगा. इसके अलावा आइ बैंक के लिए छोटी-बड़ी करीब डेढ़ दर्जन मशीन व उपकरणाें की खरीद की जायेगी. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मशीनों-उपकरणों की सूची जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ अर्जुन कुमार सिंह को दिया गया है. ताकि जाना जा सके कि इनमें से कौन सा उपकरण यहां पर है और जो नहीं होगा उसकी खरीदारी होगी. इसके बाद यहां पर तैनात टेक्निशियन व विशेषज्ञों की नियुक्ति संविदा के आधार की जायेगी.

बताया गया कि 31 मार्च तक आइ बैंक के शुरू होने की संभावना है. यह 24 घंटे खुला रहेगा. इससे पूर्वी बिहार व झारखंड के कई जिलों के लोगों को सहूलियत होगी.

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुमार सिंह और अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने बताया कि बैठक में आइ बैंक के लिए स्थल का चयन करने को कहा गया है. बताया गया कि इसके लिए अस्पताल के आइ विभाग में ही जगह है.

मांगी गई है उपकरणों की सूची

सर्वप्रथम आइ विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जरूरी उपकरणों की सूची मांगी गई है. अधीक्षक ने कहा कि कुछ उपकरण अस्पताल की ओर से खरीदे जाएंगे. कॉरपोरेशन द्वारा भी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने कहा कि भागलपुर में आई बैंक खुल जाने से आंख दान करने वालों को सहूलिचत होगी. उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा. कई लोगों का अंधापन दूर किया जा सकेगा.

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