आर्थिक तंगी से परेशान था पिता, दुकान में ही दे दी जान, छानबीन को पहुंची पुलिस

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भागलपुर: वो कहते हैं न की इंसान जब हालत से लाचार हो जाता है तब वो कोई गलत कदम उठा ही लेता है. कारण कुछ भी हो, जब दिमाग में गलत बात आ जाती है तो इंसान गलत करने पर विवश हो ही जाता है. ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है भागलपुर में जहां कपड़ा व्यवसायी अनुपम भुटिया (51 वर्ष) ने महावीर टावर स्थित अपने जयगुरु साड़ी सेंटर नामक दुकान में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली.

आपको बताते चले कि व्यवसायी मूलरुप से पटना जिले के बाढ़ बाजार के रहने वाले हैं. इनका परिवार मारवाड़ी टोला की कन्या पाठशाला स्थित टोडरमल लेन में किराए के मकान में रहते हैं. मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घटना की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

व्यवसायी के बड़े बेटे अंकित भुटिया ने बताया कि दस साल पहले बाढ़ बाजार में रोजगार बंद होने के बाद पिता भागलपुर आ गए थे. रिश्तेदारों की मदद से महावीर टावर में साड़ी की थोक दुकान खोली लेकिन एक साल से सेल कम हो गया था. पांच माह पहले डेरा के बाहर ही सिद्धि विनायक नामक कपड़े की दुकान खोली गयी. दुकान छोटा भाई आशीष भुटिया व मां अनिता देवी चलाती है. यहां भी दुकान नहीं चल रही थी. दिन-दिन भर में एक कपड़े का भी सेल नहीं होता है. दो दुकान व मकान का किराया चुकाना भी महंगा पड़ रहा है. अंकित ने कहा कि पिता के साथ वह महावीर टावर में बैठते हैं.

सोमवार सुबह करीब नौ बजे पिता जी सब्जी लाने बाजार गए थे, लेकिन घंटे भर बाद भी घर नहीं आने पर खोजबीन शुरू की गई. वे मोबाइल भी नहीं उठा रहे थे. खोजने के लिए सब्जी मंडी, दुकान और खाटू श्याम मंदिर गए लेकिन कुछ पता नहीं चला. दुकान का शटर गिरा हुआ था. वह दुकान खोलने के लिए जाने लगे तो घर में चाभी नहीं मिली. दूसरी चाभी लेकर दुकान गए.

दुकान का ताला खुला था और शटर गिरा हुआ था. शटर उठाने पर दुकान में पंखे से पिता का शव लटक रहा था. रिश्तेदार और परिचित को बुलाकर शव को पंखे से नीचे उतारकर डेरा ले आए. इस बीच कोतवाली पुलिस को सूचना मिली तो इंस्पेक्टर केदार नाथ सिंह, दारोगा दिलशाद और निलेश कुमार महावीर टावर पहुंचे. वहां पर दुकानदारों ने कहा कि हार्टफेल से मौत हुई है. पुलिस लौटकर चली आई.

खुदकुशी की सूचना पर घर पहुंची पुलिस 
दिन के करीब 12 बजे कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि व्यवसायी ने खुदकुशी कर ली है. फिर पुलिस व्यवसायी के डेरा पहुंचकर जांच की. व्यवसायी के गले में फंदे का दाग साफ नजर आ रहा था. अंकित ने कहा कि पिता ने दुकान में रखे छोटे टूल के सहारे गले में साड़ी बांधकर खुदकुशी कर ली है. उसके बाद कोतवाली इंस्पेक्टर व्यवसायी पुत्र के साथ दुकान पहुंचे. दुकान की जांच की. फंदा लगाने वाली साड़ी को जब्त कर लिया. बेटे ने कहा इस घटना में किसी का कोई दोष नहीं है. पिता ने मानसिक तनाव और व्यापार में घाटे के कारण खुदकुशी कर ली है.

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