फ्लैट खरीदना चाहता था पति, पत्नी ने मना किया तो करंट का शॉक देकर कर दी हत्या…

भागलपुर: अगर पति ही दुश्मन बन जाये तो किसपे भरोसा करेगी पत्नी. भागलपुर के एक अपार्टमेंट में खुशहाल जिंदगी बिता रहीं थी नेहा. पर हाल ही में उसकी हत्या उसके अपने ही पति ने कर दी. पिता ने आरोप लगाया है कि मेरे दामाद ने एक अच्छी फ्लैट पसंद की थी. और उसको लेने के लिए उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे. तो उसने अपने ससुर से पैसे की मांग की. और पिता ने नेहा को कह दिया कि बेटी अब मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं. फिर क्या पति ने नेहा को मारना-पीटना शुरू कर दिया.

वहीँ आपको बताते चले पीजी की स्टूडेंट नेहा की हत्या मामले में तीन आरोपियों पर केस सही पाया गया है. इस संबंध में सिटी डीएसपी की जांच रिपोर्ट जारी हुई है, जिसमें नेहा के पति दिनेश प्रसाद आजाद, जेठ एलआईसी के एचजीए(उच्च वर्गीय लिपिक) मनोज कुमार आजाद और जेठानी जूली आजाद के खिलाफ जांच में केस को सत्य करार दिया गया है.

जेठ-जेठानी भी होंगे अरेस्ट

आरोपी पति दिनेश आजाद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि जेठ-जेठानी की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है. फिलहाल दोनों फरार हैं. फरार आरोपी मनोज एलआईसी भागलपुर डिविजन के ऑफिस में कार्यरत हैं. वारदात के बाद से वह ऑफिस नहीं जा रहा है.

जानें डीएसपी की जांच में क्या आया

डीएसपी की जांच में आया है कि 2015 में नेहा की शादी दिनेश से हुई थी. नेहा का ससुराल कहलगांव के गंगानगर, गली नंबर-5 में है और मायका बांका के ककवारा गांव में. नेहा टीएनबी कॉलेज से अर्थशास्त्र में पीजी कर रही थी. नेहा पति और जेठ-जेठानी के साथ उक्त फ्लैट में रहती थी. लेकिन नेहा का उसके पति और जेठ-जेठानी से अच्छे संबंध नहीं थे. फ्लैट खरीदने के लिए पति दिनेश पांच लाख रुपए की मांग नेहा के पिता से कर रहा था.

इस पर पिता ने असमर्थता जताई तो नेहा के साथ मारपीट किया जाने लगा. हत्या से डेढ़ माह पहले नेहा के साथ ससुरालवालों ने मारपीट किया था. हत्या वाले दिन दिनेश ने अपने बड़े भाई मनोज से बातचीत की थी. वारदात के समय भी दोनों भाईयों में बातचीत हुई थी. जूली भी अपने पति से कई बार फोन पर बातचीत की थी. जांच में पति, जेठ-जेठानी द्वारा फ्लैट खरीदने के लिए पांच लाख रुपए की मांग की बात सही साबित हुई. पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि करंट लगा कर नेहा की हत्या की गई थी.

एफएसएल रिपोर्ट आनी अभी बाकी है

मामले में एफएसएल रिपोर्ट आनी अभी बाकी है. जांच की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से बिजली का पीवीसी वायर, खून लगा कपड़ा, तार में फंसे मांस आदि को जब्त किया था. सभी को जांच में पटना भेजा गया है. पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि मामले में आरोपियों के खिलाफ और भी पुख्ता सबूत मिल सके.

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