भागलपुरः इन विभागों में नहीं है ऑक्सीजन पाइप लाइन की सुविधा, परेशान हैं मरीज

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प्रतीकात्मक

भागलपुरः  इससे देश के कई सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल(जेएलएनएमसीएच) के कई विभागों में अभी भी ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं लगाए गए हैं. ऐसे में जरूरत पड़ने पर यहां भर्ती मरीजों को मजबूरन निजी अस्पताल ले जाना पड़ता है.

हालांकि किसी-किसी मरीज को अलग से ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है पर यह काफी नहीं है. अव्यवस्था व ऑक्सीजन नहीं रहने के कारण कई बार चिकित्सक गंभीर मरीजों को भर्ती करने से कतराते हैं.

अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन 40 ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत होती है. ठंड के दिनों में खपत कम होती है. मुजफ्फरपुर से इसकी आपूर्ति की जाती है. अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है. हालांकि जेएलएनएमसीएच में ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है.

बच्ची को नहीं किया गया भर्ती

गत वर्ष 18 अक्टूबर की रात पीरपैंती निवासी श्रवण कुमार चौधरी की बेटी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी. इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक ने नवजात के परिजन से कहा-ऑक्सीजन नहीं, भर्ती नहीं करेंगे. बाद में स्वास्थ्य प्रबंधक ब्रजेश ने उसे भर्ती कराया.

19 अक्टूबर को रात नौ बजे नवजात की स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों ने उसे अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए कहा. बच्ची को निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां 11 बजे उसकी मौत हो गई. इससे पहले कई परिजन आइसीयू एवं इमरजेंसी में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत का आरोप लगाते रहे हैं.

इन विभागों में नहीं है ऑक्सीजन

गायनी, पेइंग वार्ड में अभी ऑक्सीजन की पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है. इमरजेंसी, आइसीयू एवं अन्य विभागों में प्रत्येक मरीज के बेड के पास ऑक्सीजन पाइप लाइन है. हड्डी विभाग में दो-तीन मरीजों के बीच एक ऑक्सीजन पाइप लाईन है.

मेडिसीन विभाग में फ्लोमीटर खराब

इनडोर मेडिसीन विभाग में कई फ्लोमीटर खराब है. आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था की जाती है. लेबर रूम में फ्लोमीटर की कमी है. इस उपकरण से पता चलता है कि मरीज को ऑक्सीजन मिल रही है या नहीं.

 

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