नवजात बच्ची को फेंक दिया कूड़े पर, रोने लगी तो दौड़े लोग

नवगछिया/भागलपुर : मां को अपने ममतामय स्वभाव के कारण ही धरती का भगवान कहा जाता है. वो अपने जिगर के टुकड़े के लिए अपनी जान तक देने में पीछे नहीं हटती है. जन्म से पहले नौ माह तक अपने गर्भ में बच्चे की हिफाजत करती है, परन्तु कोई मां अगर नवजात बच्चे को फेंक दे, तो उसे आप क्या कहेंगे.

जी हां, ऐसा ही एक मामला भागलपुर जिले के प्रसिद्ध सुंदरवती महिला महाविद्यालय रोड में घटी है. इससे उस क्षेत्र के लोगों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा.

 

क्या है मामला
सूत्रों के अनुसार एक मां ने अपने ममतामय स्वभाव पर पत्थर रख कर चादर में लपेट कर नवजात बच्चे को कूड़े के ढेर में फेंक दिया. फेंकते वक्त प्रत्यक्षदर्शियों ने उस महिला को नहीं पहचाना, परन्तु कुछ लोगों ने उसे देखा जरूर. जब लोग टहलने निकले तो लोगों ने नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी. जब लोगों ने नजदीक जाकर देखा तो पाया कि भूख से नवजात शिशु (लड़की) तड़प रही थी. उस व्यक्ति ने बच्ची को देखते ही उस व्यक्ति ने आसपास के लोगों को सूचना दी. उसके पश्चात स्थानीय लोगों के द्वारा इसकी सूचना बरारी थाने को दी गई. तत्पश्चात थाने ने चाइल्ड लाइन वाले को सूचना दी.

सूचना पाकर चाइल्ड लाइन से टीम लीडर अर्चना झा एवं आदित्य झा ने कूड़े के ढेर पर से चादर में लिपटी हुई बच्ची को अपने कब्जे में लिया. उन्होंने पुलिस के सहयोग से बच्ची को मायागंज अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया. वहां से रिपोर्ट आयी कि बच्ची का जन्म दो दिन पहले हुआ है और अभी अब स्वस्थ है. वहीं पुलिस ने बच्ची को जिस चादर में लिपटे हुए देखा था, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि वह किसी अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती होगी.

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की, परन्तु लोगों ने कुछ नहीं बताया. लोगों ने बताया कि आसपास के किसी मकान में सीसी कैमरा लगा हुआ है. यदि पुलिस इसकी अच्छे से जांच करे, तो बच्ची की निर्दयी मां का पता चल सकता है.

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