मैट्रिक-इंटर परीक्षार्थी ध्यान दें, Admit कार्ड में त्रुटि तो सेंटर पर आधार कार्ड से होगी इंट्री

लाइव सिटीज, पटना डेस्क: बिहार (Bihar) में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा (Matric And Inter Exam) तय समय (On Sheduled Time) पर होंगे. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) ने विभाग की मंशा को साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि 1 फरवरी से कोरोना प्रोटोकाल (Corona Protocal) के तहत परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. सेंटरों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा. मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य गाइडलाइन का पालन सभी परीक्षार्थी और वीक्षक को करना होगा.

विभाग से क्लीयरेंस मिलते ही परीक्षा के आयोजन की तैयारी में बिहार बोर्ड (Bihar Board) जुड़ गया है. परीक्षा को लेकर कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. साथ ही इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी गयी है. अगर किसी छात्र के एडमिट कार्ड में फोटो नहीं है, उसके नाम के लेटर में बदलाव हो या फिर पहचान से संबंधित अन्य त्रुटियां हैं तो उसके विकल्प के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट के सहारे परीक्षा हॉल में प्रवेश कर सकते हैं.

बिहार बोर्ड ने इसकी जानकारी सभी केंद्रों को दे दी है. इंटर परीक्षा के दौरान केंद्र पर अगर ऐसा परीक्षार्थी पकड़ में आते हैं, जिनके प्रवेश पत्र में फोटो नहीं रहने, अस्पष्ट फोटो रहने या किसी और का फोटो प्रवेश पत्र में रहता है तो ऐसे छात्र को उनके अन्य सरकारी कागजात से उनके चेहरे का मिलान किया जाएगा. उनके दूसरे कागजात से पहचान होने के बाद छात्र को परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा.

आपको बताते चलें कि इंटर परीक्षा इस बार 1 से 14 फरवरी तक होनी है. इस बार बिहार बोर्ड के स्तर पर कई सुधार किए जा रहे हैं. जैसे कि परीक्षार्थी को सेंटर पर परीक्षा देने की अनुमती देने के बाद केंद्राधीक्षक एग्जामिनेशन ऐप पर जाकर एडमिट कार्ड करेक्शन लिंक की मदद से संबंधित छात्र का रोल कोड और रोल नंबर सेलेक्ट कर उनका फोटो सहित बोर्ड को भेज देंगे. जिससे संबंधित छात्र के प्रवेश पत्र के फोटो में तुरंत सुधार हो जाएगा और छात्र को बोर्ड का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. छात्रों की उपस्थिति, निष्कासन का डेटा ऑनलाइन कदाचार मुक्त इंटर परीक्षा संचालन के लिए बोर्ड ने एग्जामिनेशन एप बनाया गया है.

साथ ही परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी की उपस्थिति, अनुपस्थिति और निस्कासित छात्र का डेटा पालीवार भेजा जाएगा. जिससे बिहार बोर्ड के पास हर दिन की जानकारी होगी. इसके लिए हर केंद्र से कंप्यूटर शिक्षक या कंप्यूटर जानकार कर्मी को रखा गया है. एग्जामिनेशन ऐप के सभी कर्मियों का प्रमंडलवार व्हाट्सअप ग्रुप बना कर सभी को प्रशिक्षण दिया जाएगा.