Big Breaking: पटना में चिराग के घर जाकर मिले बीजेपी के पूर्व MLC टुन्ना पांडे, घंटो हुई बातचीत, कयासों का बाजार गर्म

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ टिप्पणी करने वाले बीजेपी से निलंबित व पूर्व एमएलसी टुन्ना पांडे ने चिराग से मुलाकात की. पटना स्थित उनके आवास पर जाकर मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच घंटो बातें हुई. बिहार के सियासी गलियारे में दोनों के बीच मुलाकात के कई मायने निकाले जाने लगे हैं. कयास लगाया जा रहा है कि टुन्ना जी पांडे चिराग के साथ जा सकते हैं. राजनीतिक पंडितों की माने तो टुन्ना पांडे भी सीएम नीतीश का खुलकर विरोध कर चुके हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है. वहीं चिराग भी सीएम नीतीश के धूर विरोध है. सीएम नीतीश के विरोध के कारण ही एनडीए में आज अलग-थलग पड़े हुए हैं. ऐसे में दोनों के बीच तालमेल बैठने की प्रबल संभावना जतायी जा रही है.

बता दें कि बीजेपी के पूर्व एमएलसी टुन्ना पांडे ने सीएम नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. उन्होंने कहा था कि ‘नीतीश कुमार वाकई में परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं. अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने तर्क भी पेश किया था. उन्होंने कहा था कि शहाबुद्दीन ने गलत थोड़े कहा था कि नीतीश कुमार परिस्थितियों के सीएम हैं. पिछली दफा दूसरे नंबर की पार्टी के नेता थे फिर भी मुख्यमंत्री बने. इस बार तीसरे नंबर पर ठेला गये फिर भी मुख्यमंत्री बने.’

टुन्ना ने आगे कहा था कि ‘वे मुख्यमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं क्या? चुनाव लड़कर विधायक बने हैं क्या? वे भाग्यशाली हैं कि तीसरे नंबर पर जाने के बाद भी मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में क्या कहा जाए? क्या वे परिस्थितियों के मुख्यमंत्री नहीं हैं?  हमने सही बात कही है. सच्ची बात मुंह से निकल गई लेकिन अब डर लगने लगा है. डर इसलिए कि कहीं शहाबुद्दीन वाला हाल न हो जाए. शहाबुद्दीन ने भी नीतीश कुमार को परिस्थियों का मुख्यमंत्री कहा था. उसके बाद क्या हाल हुआ यह पूरा बिहार जान रहा है. हमने जो भी कहा वो सही कहा. हमारे नेता नीतीश कुमार नहीं हैं, मुख्यमंत्री हैं. वे पूरे बिहार के मुख्यमंत्री हैं.’

इस बयान के बाद जेडीयू के नेता हमलावर हो गए. टुन्ना पांडे पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे. रिश्ते में खटास ना आ जाए इसको देखते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है. टुन्ना पांडे के निलंबन के बाद ही यह मामला शांत हुआ. अब देखना है कि चिराग से टुन्ना पांडे की मुलाकात बिहार की राजनीति में क्या कुछ नया गुल खिलाता है.