आखिर कैसे खड़े किए जाते हैं बीच समंदर में ये विशालकाय तेल के प्लेटफॉर्म…आइए जानते हैं

लाइव सिटीज डेस्क : क्या आपने कबी समंदर में ऑयल प्लेटफॉर्म को खड़ा देखा है? शायद हम में से कई लोगों ने नहीं देखा होगा…आर अगर देखा भी है तो कभी सोचा की आखिर वो इतने गहरे समंदर के बीचों-बीच खड़ा कैसे रहता है और उसे वहां ले कैसे जाया जाता है?

नहीं सोचा न…तो चलिए हम आपको आज उसके रहस्य से पर्दा उठा ही देते हैं कि आखिर वो समंदर के बीच विशालकाय रूप में खड़ा कैसे है और उसे वहां लेकर कौन जाता है.  दरअसल, एक डबल हॉल शिप है जिसका नाम पायनियरिंग स्पिरिट है जो ताकत और क्षमता के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा जहाज है.

इसे खास तौर पर ऑयल प्लेटफॉर्म की ढुलाई के लिए ही बनाया गया है. पायनियरिंग स्पिरिट को दक्षिण कोरियाई कंपनी देवू ने बनाया. इसे बनाने में चार साल का समय और 3 अरब डॉलर का खर्च आया.

पायनियरिंग स्पिरिट की लंबाई 382 मीटर और चौड़ाई 124 मीटर है. जहाज में डबल बॉडी लगी है, जो विशाल और भारी ढांचों को बीच में संतुलित करती है.

हाल ही में पायनियरिंग स्पिरिट ने नॉर्वे में एक बड़े मिशन को अंजाम दिया. जहाज ने ब्रेंट डेल्टा नाम के ऑयल प्लेटफॉर्म को समुद्र से निकाल कर जमीन पर पहुंचाया. 1982 में स्थापित किया गया यह ऑयल प्लेटफॉर्म दिसंबर 2011 में रिटायर हो गया.

पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसीलिए पूरे प्लेटफॉर्म को एक साथ समुद्र से निकालने का फैसला किया गया. सबसे बड़ी समस्या ट्रांसपोर्ट की थी, जिसे पायनियरिंग स्पिरिट ने हल कर दिया.

48,000 टन भारी समान की ढुलाई करने में सक्षम पायनियरिंग स्पिरिट ने सबसे पहले ऑयल प्लेटफॉर्म को तीन स्तंभों से ऊपर उठाया. और ऐसा कारनामा 10 सेकेंड की भीतर कर दिया गया.

इसके बाद प्लेटफॉर्म को यूके के सीटन बंदरगाह पर लाया गया. प्लेटफॉर्म को पोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाने में करीब चार महीने लगे. शेल कंपनी के मुताबिक प्लेटफॉर्म के 97 फीसदी मैटीरियल की रिसाइक्लिंग की जाएगी.

ब्रेंट डेल्टा को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के बाद पायनियरिंग स्पिरिट तीन ऑयल प्लेटफॉर्म्स को समुद्र में लगाने के काम में जुट जाएगा. इस खास जहाज का शेड्यूल सन 2020 तक व्यस्त है.