बिहार में सड़क किनारे अगर है स्कूल, कोचिंग या हॉस्पिटल तो अब सरकार लेगी फीस

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में सड़क किनारे बने व्यवसायिक संस्थान वालों के लिए यह जरूरी खबर है. अब राज्य सरकार ऐसे सभी प्रतिष्ठानों से पैसे वसूल करेगी. मतलब फीस चार्ज करेगी. यह फीस वार्षिक होगी. सड़क किनारे कोई स्कूल, हॉस्पिटल, मॉल, कोचिंग आदि ऐसे सभी संस्थानों से सरकार शुल्क लेगी. अभी तक यह व्यवस्था पेट्रोल पंप व किसान सेवा केंद्र तक ही सीमित थी. अब पथ निर्माण विभाग नई व्यवस्था के ड्राफ्ट पर काम कर रहा है. इस बाबत विभाग में मंत्री के स्तर पर एक प्रजेंटेशन भी हो चुका है.

हालांकि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वार्षिक फीस कितनी ली जाएगी. सरकार की प्लानिंग है कि ऐसे सभी व्यवसायिक संस्थानों को केटेगरी में बांटकर उनकी फीस तय की जाए. पेट्रोल पंप और किसान सेवा केंद्रों के लिए इस तरह के प्रावधान है. हाल ही में इनकी फीस की राशि को पथ निर्माण विभाग ने संशोधित भी की है.

पथ निर्माण विभाग ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से वार्षिक फीस लिए जाने को ले जो आरंभिक योजना तैयार की है उसके अनुसार सड़क के किनारे स्थित व्यावसायिक संस्थान जैसे नर्सिंग होम, स्कूल, मॉल व कोचिंग संस्थान आदि से फीस ली जाएगी. इस संबंध में विभाग का तर्क यह है कि व्यावसायिक संस्थान द्वारा पथ निर्माण विभाग के जगह का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में उन्हें एकमुश्त वार्षिक फीस देनी होगी.

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पथ निर्माण विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को वार्षिक फीस के दायरे में लाए जाने की योजना तैयार हो रही है. शहरी क्षेत्र में इसके तहत अलग-अलग श्रेणी बनाई जा सकती है. सड़क के महत्व के हिसाब से यह श्रेणी तैयार होगी. इसमें स्टेट हाईवे से लेकर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड तक शामिल है.

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