JNU छात्रसंघ चुनाव: प्रेसिडेंशियल डिबेट में RJD कैंडिडेट जयंत जिज्ञासु ने लूट ली महफ़िल

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लाइव सिटीज डेस्क: JNU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर मंच सज गया है. 14 सितंबर को मतदान है. लेकिन इससे पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट भी हुआ है. यह JNU छात्रसंघ चुनाव का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. इस बार इसमें अध्यक्ष पद के आठ कैंडिडेट भाषण के जरिए अपना विजन रखे. जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी की छात्र इकाई ‘छात्र राजद’ की ओर से प्रेसीडेंट प्रत्याशी जयंत कुमार जिज्ञासु ने प्रेसिडेंशियल डिबेट की महफिल लूट ली. बता दें कि पहली बार आरजेडी भी JNU छात्रसंघ चुनाव में कूदी है.

हमें डाटा नहीं आटा सस्ता चाहिए

जिज्ञासु ने कहा, यूनिवर्सिटी में आरक्षण की पहले जो भी व्यवस्था थी उसमें सभी वर्गों के लोग प्रोफेसर बन जाते थे लेकिन अब जो सिस्टम लागू हुआ है उसमें आप प्रोफेसर नहीं बन पाएंगे. उन्होंने महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें डाटा नहीं आटा चाहिए. आटा सस्ता कीजिए सरकार. जेएनयू के वाइस चांसलर पर वार करते हुए कहा कि इनके पास कोई विजन नहीं है.

लेफ्ट पर साधा निशाना

जिज्ञासु ने कहा, बिहार लेनिन बाबू जगदेव ने कहा था कि पहली पीढ़ी के लोग मारे जाएंगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जाएंगे और तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे. आज मैं आपकी इसी तीसरी पीढ़ी के नुमाइंदे के रूप में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आया हूं. लेफ्ट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग सामाजिक फांसीवाद फैलाने वाले लोग हैं. इनकी सारी प्रगतिशीलता काफूर हो जाती है जब आरक्षण की बात आती है. पूरी दुनिया के अंदर आरक्षण से बढ़कर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं आई जिसने वंचितों, पिछड़ों की जिंदगी में इतनी तब्दीली लाई हो.

हमें हमारी शिक्षा से वंचित नहीं कर सकते

जिज्ञासु ने पुरानी बातों की याद दिलाते हुए कहा कि हम वो लोग नहीं है जिनके पेट पर हजारों साल से लात मारा गया, हम वो लोग भी हैं जिनके दिमाग पर भी लात मारा गया. कान में शीशे पिघला दिए जाते थे. आज जब हमारी पीढ़ी विश्वविद्यालयों की चारदीवारी में दाखिल हुई है तो हमें रोका जा रहा है. लेकिन आप हमें हमारी शिक्षा से वंचित नहीं कर सकते. उन्होंने बात-बात पर मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजने की बात करने वाले वालों को भी आड़े हाथों लिया.

ABVP को रोकने के लिए एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला

बता दें कि इस बार वामपंथी छात्र संगठनों ने ABVP को रोकने के लिए एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बापसा ने अलग रहकर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. अध्यक्ष पद के आठ उम्मीदवार हैं. इनमें तीन निर्दलीय और एक छात्र राजद का है. लेफ्ट गठबंधन के तहत आइसा को अध्यक्ष, डीएसएफ को उपाध्यक्ष, एसएफआई को महासचिव और एआईएसएफ को संयुक्त सचिव पद दिया गया है.

मालूम हो कि एबीवीपी की तरफ से ललित पांडेय, एनएसयूआई से विकास यादव, लेफ्ट से बालाजी मैदान में हैं तो पहली बार आरजेडी ने जयंत कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है. प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद 14 सितंबर को दो चरण में वोटिंग होगी. सुबह साढ़े 9 से दोपहर 1 बजे और फिर शाम में ढाई बजे से 5.30 तक वोट डाले जाएंगे. फिर 14 को ही रात 9 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और नतीजे 16 को घोषित किए जाएंगे.

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