कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल में फिर लगी ‘आग’, तेल कंपनियों ने बढ़ाए दाम

पेट्रोल डीजल , पेट्रोल के दाम , पेट्रोल , डीजल के दाम , डीजल , कर्नाटक विधानसभा चुनाव , कर्नाटक चुनाव , petrol-diesel price , Petrol Diesel Price , Petrol & Diesel price

लाइव सिटीज डेस्क : पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल-डीजल की स्थिर कीमतों में फिर से इजाफा हो गया. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के बाद पेट्रोल की कीमत में 17 पैसे जबकि डीजल के मूल्य में 21 पैसे की वृद्धि की गई हैं. तेल कंपनियों ने करीब 20 दिन बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बदलाव किया है. पिछली बार 23 अप्रैल 2018 को तेल कंपनियों में पेट्रो उत्पादों के दाम बढ़ाए थे. नॉन ब्रैंडड पेट्रोल के बाद 74.63 रुपये प्रतिलिटर से बढ़ाकर 74.80 रुपये प्रतिलिटर किया गया है जबकि नॉन ब्रैंडेड डीजल के दाम 65.93 रुपये प्रतिलिटर से बाढ़ाकर 66.14 रुपये प्रतिलिटर किया गया है.

पटना में पेट्रोल का दाम आज 80.3 रुपये प्रति लीटर

बता दें कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 24 अप्रैल से बदलाव नहीं करना इन्हें स्थिर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनावों के समय यह होना महज संयोग है. उन्होंने कहा कि कीमतें स्थिर करने से पहले हर रोज यह 25-35 पैसे घट – बढ़ रहा था. इससे हर 15 दिन में ईंधन की कीमतें 2-3 रुपये बदल जाती थीं. पटना में पेट्रोल का दाम आज 80.3 रुपये प्रति लीटर है. डीजल 58.68 रुपये में बिक रहा है. सभी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर कीमतें समान हैं.

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ी

उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ न्यूक्लियर डील तोड़ने के फैसले के ऐलान के बाद बुधवार को ब्रेन्ट क्रूड की कीमत प्रति बैरल 77 डालर के पार चली गई. यह नवंबर 2014 के बाद पहली बार है जब कच्चे तेल की कीमत 77 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है.

एक तरफ कच्चा तेल तेज़ी से महंगा हो रहा है, लेकिन पिछले 23 दिनों में सरकारी तेल कंपनियों ने भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. विशेषकर ऐसे समय पर जब पेट्रोल-डीज़ल की खुदरा कीमतों में रोज़ाना बदलाव आम बात हो चुकी है.

यह भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल : पंचायत चुनाव के दौरान कई जिलों में हिंसा, बूथ कैप्चरिंग की कोशिश

ध्यान रहे कि साल 2010 तक सरकार देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करती थी. उसके बाद यह काम तेल कंपनियों पर छोड़ दिया गया और तेल कंपनियां हर पखवाड़े पेट्रोल-डीजल के दाम बाजार कीमत के आधार पर तय करने लगीं. लेकिन, पिछले साल 16 जून से तेल कंपनियों ने पखवाड़े की जगह प्रति दिन तेल की कीमतों में बाजार आधारित बदलाव करने लगीं.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*