सबने किया रोहित का विरोध, 12वीं के इस छात्र ने बनाई सोलर कार, चार्ज होने पर दौड़ती है 70KM

लाइव सिटीज डेस्कः कहते हैं कि अगर सच्ची लगन और मेहनत से किसी काम को अंजाम दिया जाए तो मंजिल जरूर मिल जाती है. ऐसी ही एक सच्ची मेहनत की मिसाल पेश की है उत्तर प्रदेश के रहने वाले रोहित ने. रोहित ने एक ऐसा कमाल कर दिखाया है जिससे न सिर्फ आपकी जेब पर फर्क पड़ेगा बल्कि प्रदुषण से भी निजाद मिलेगी. जी हां…12वीं क्लास के स्टूडेंट ने सोलर पैनल से चलने वाली कार तैयार की है.

खुद की बनाई कार चलाता रोहित

इस कार की खास बात ये है कि एक बार चार्ज होने पर 70 किलोमीटर तक चलती है. इसे तैयार करने में 45 हजार रुपये का खर्चा आया है. कार में ज्यादातर सामान पुराना यूज किया गया है. बता दें कि रोहित के इस काम का सबने विरोध किया. खासकर उसके घर के लोग ही इस काम के खिलाफ थे. लेकिन अब रोहित का यह आविश्कार एक मिसाल बन चुका है. मीडिया में इसके खूब चर्चे भी हो रहे हैं. सचिवालय ने इस पद के लिए मांगा है आवेदन, पोस्ट ग्रेजुएट हैं तो जरूर अप्लाई करें



अपनी मां के साथ खड़ा सोलर कार बनाने वाला रोहित

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद के छोटे से कस्बे पाली के रहने वाले रोहित ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मैं इस समय महावीर कॉलेज से 12वीं क्लास की पढ़ाई कर रहा हूं. परिवार में मम्मी-पापा और दो बहने हैं. पापा किसान हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं. 6 महीने पहले जब मैंने इस कार को बनाना शुरु किया था, उस समय मेरे घरवालों ने मेरा खूब विरोध किया. लेकिन मैने अपना काम जारी रखा. कार जब पूरी बनकर तैयार हो गई फिर परिवार ने भी मेरा साथ दिया.

रोहित के इस सोलर कार को आस पास के लोग जुगाड़ वाहन कहकर बुलाते हैं. फिलहाल अब इसमें कलात्मक बॉडी लगाए जाने की तैयारी है. इससे लोगों को यह और भी अपनी ओर आकर्षित करे. प्रयोग पूरी तरह सफल रहा तो और भी लोग इसमें सफर का आनंद उठा सकते है.

रोहित के पिता कमल कुमार ने बताया कि जब बेटे ने कार बनाने की शुरूआत की थी तो मुझे बहुत गुस्सा आता था. मैं समझता था कि ये पढ़ाई की जगह फालतू काम कर रहा है. DM मानवेंद्र सिंह ने भी बेटे को सम्मानित किया तो मुझे बहुत खुशी हुई. तबसे मैं लगातार उसका साथ दे रहा हूं. मैं चाहता हूं वो आगे चलकर बड़ा इंजीनियर बने.