2019 में भाजपा को हराने का ‘मंत्र’ दे दिया है यशवंत सिन्हा ने, बताया ये उपाय

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लाइव सिटीज डेस्क : बीजेपी छोड़ चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा लगातार बीजेपी पर हमलावार हैं. यशवंत सिन्हा ने विपक्षी दलों को सत्तारूढ़ बीजेपी को हराने का मंत्र दिया है. एनडीटीवी को लिखे आलेख में यशवंत सिन्हा ने कहा है कि अगर पूरा विपक्ष एकजुट होकर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़े तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से बेदखल किया जा सकता है. उन्होंने लिखा है कि अभी भी मोदी को हराने की रणनीति बनाने में विपक्षी नेता बहुत पीछे हैं और रोज समय गंवा रहे हैं. उन्होंने यह भी लिखा है कि विपक्षी दलों के अलग-अलग नेताओं द्वारा आने वाले बयान उनके अंदर उलझनें पैदा कर रहा है.

कांग्रेस की अगुवाई में देशभर में एक महागठबंधन बने

पूर्व मंत्री ने लिखा है कि विपक्षी दलों द्वारा मौजूदा समय में तीन तरह के विकल्प की बात की जा रही है. विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि चुनाव पूर्व कोई गठबंधन नहीं हो सकता है. जो भी गठबंधन होना है वो चुनाव बाद होगा. दूसरे विकल्प के तौर पर सभी क्षेत्रीय दल गैर भाजपाई, गैर कांग्रेसी मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ें और तीसरा विकल्प है कि कांग्रेस की अगुवाई में देशभर में एक महागठबंधन बने और साझा रूप से पीएम मोदी और एनडीए के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाय.

सिन्हा ने लिखा है कि कांग्रेस के साथ मिलकर एक महागठबंधन बनाकर मोदी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है. उन्होंने लिखा है कि इस गठबंधन के लिए यह जरूरी है कि वो बिना किसी नाम की चर्चा किए सिर्फ बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के बड़े इरादे से राजनीतिक लड़ाई लड़े. हालांकि, सिन्हा ने चेताया है कि ऐसी सूरत में मोदी-शाह की टीम अक्सर पूछेगी कि इधर तो मोदी है उधर कौन?

विपक्षी दलों को बीजेपी के जाल में नहीं फंसना चाहिए

सिन्हा ने लिखा है कि विपक्षी दलों को बीजेपी के इस जाल में नहीं फंसना चाहिए क्योंकि इस चुनाव में मोदी मुद्दा नहीं हैं बल्कि वो सारे मुद्दे अब मुद्दा बन गए हैं जिनके बल पर 2014 में मोदी ने सत्ता पाई थी. यशवंत सिन्हा ने लिखा है कि विपक्षी मोर्चे के पास मोदी से निपटने के लिए निश्चित तौर पर एक प्रभावी और लोकलुभावन एजेंडा होना चाहिए क्योंकि वे वैकल्पिक नेता के सहारे नहीं बल्कि वैकल्पिक एजेंडे के सहारे ही उन्हें हरा सकते हैं.

क्षेत्रीय दलों का गठजोड़ भी बेहतर है

यशवंत सिन्हा ने सभी क्षेत्रीय दलों का गठजोड़ बनाकर चुनाव लड़ने को भी तो बेहतर बताया है मगर व्यापक गठबंधन न बन पाने की स्थिति में चौथे विकल्प का रास्ता भी सुझाया है. उन्होंने लिखा है कि जिन-जिन राज्यों में जो सबसे बड़े गैर भाजपाई क्षेत्रीय दल हैं वो मिलकर वहां-वहां चुनाव लड़ें. उन्होंने पांच राज्यों में इसकी मजबूती का हवाला देते हुए कहा है कि यूपी में जहां सपा, बसपा और रालोद मिलकर लड़ सकती है, वहीं बिहार में राजद-कांग्रेस का गठबंधन पहले से ही है. झारखंड में भी जेएमएम और कांग्रेस का गठबंधन पुराना है.

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