भाकपा-माले को मिला राज्य पार्टी का दर्जा, बिहार चुनाव में 12 सीटें मिलने पर चुनाव आयोग ने जारी किया पत्र

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : सब्र और मेहनत का फल मीठा होता है. दो दशक के लंबे संघर्ष के बाद भाकपा माले (CPI-ML) को सूबे में राज्य पार्टी का दर्जा प्राप्त हो गया. विधानसभा चुनाव में 12 सीटों पर जीत के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है. चुनाव आयोग ने इसको लेकर पत्र जारी कर दिया है. भाकपा माले लिबरेशन ने पारा 6A की अर्हताओं को पूरा कर लिया है. आपको बता दें कि महागठबंधन से गठजोड़ के बाद राज्य में उनकी शानदार वापसी हुई है. इस बार भाकपा माले ने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जिनमें 12 पर उन्होंने जीत हासिल कर ली थी. आपको बता दें कि 1989 में भाकपा माले ने पहली बार बिहार में एक सीट जीती थी. इसके बाद 1990 में पार्टी के 7 विधायक चुने गये थे.

ये है पार्टी का इतिहास

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), जिसे संक्षेप में भाकपा माले या सीपीआई एमएल कहते हैं. इसका चुनाव चिह्न आयताकार लाल झंडे पर सफेद हंसिया और हथौड़ा अंकित है. पार्टी का कार्यालय दिल्ली में है. हालांकि, पार्टी का दूसरा कार्यालय बिहार की राजधानी पटना में है.
भारत में वर्ष 1925 में भारतीय कम्युनिट पार्टी (सीपीआई) का गठन किया गया था. सीपीआई ने हैदराबाद के निजाम के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष चलाया था. लेकिन बाद में सीपीआई के समझौतावादी रुख अख्यितार करने से पार्टी में मतभेद बढ़ गया. वर्ष 1964 में पार्टी टूट गयी थी और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई एम या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) का गठन हुआ. विभाजन के वक्त तमाम क्रांतिकारी सीपीआई एम में शामिल हो गए थे.