OMG! 1000 रुपए में बिकता है इस पक्षी का एक अंडा, इससे लाखों रुपए कमा रही ये गांव की महिला

लाइव सिटीज डेस्क : अक्सर लोग किसान की बात सुन नाक मुंह सिकोड़ने लगते हैं. ये ज्यादातर हाई क्लास सोसाइटी में देखने को मिलती है. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी महिला से रुबरू कराने जा रहे हैं जो झारखंड के रामगढ़ गांव की रहने वाली है और ऑस्ट्रेलियन बर्ड इमो का पालन करती है. आप यकिन नहीं करेंगे लेकिन ये महिला इस इमो से अच्छा खासा पैसा कमा ले रही है.



दरअसल, ऑस्ट्रेलियन बर्ड इमो पालन के क्षेत्र में गंडके गांव निवासी बसंती ने अपनी अलग पहचान बना ली है. वो इमो के एक अंडे को एक हजार रुपए के हिसाब से बेचती है. एक मादा इमो एक साल में 20 से 25 अंडे देती है. वहीं, इनके मांस की भी बाजार में अच्छी डिमांड है. बसंती इमो पालन से साल भर में करीब ढाई लाख रुपए कमा रही है. खास बात तो यह है कि बसंती ने अपने इमो फॉर्म में गांव की कुछ महिलाओं को जॉब भी दे रखा है.

पति ने इमो बर्ड पालन के लिए हामी भर दी

बसंती ने बताया कि उसके पति राज मिस्त्री का काम करते हैं. राज मिस्त्री का काम कर वे घर का खर्चा चलाते हैं. कम मजदूरी और काम नहीं मिलने से उसे घर चलाने में परेशानी होती थी. इसे देखते हुए झारखंड मिस्त्री मजदूर समिति के महासचिव संजीव वर्मा ने उसे अपने गांव में इमो पालन का सुझाव दिया. इससे प्रेरित होकर उसके पति ने इमो बर्ड पालन के लिए हामी भर दी.

इसके बाद संजीव वर्मा के प्रयास से उसने समिति से लोन लिया और इमो फार्म खोला. अब लोन चुकाने के साथ-साथ बच्चे को पढ़ाने के अलावे राजी-खुशी से घर भी चला रही हैं.

अपनी जमीन पर बनाया फॉर्म

इमो पालन के लिए बसंती ने गांव में ही अपनी जमीन पर फार्म बनाया है. बसंती ने बताया कि वर्ष 2016 से वह इमो पालन के क्षेत्र में आई है. अंडे के संबंध में उन्होंने बताया कि एक मादा इमो एक वर्ष में बीस से पच्चीस अंडे देती है. इसे वे समिति के माध्यम से समृद्धि फाउंडेशन को एक हजार रुपए प्रति अंडे के हिसाब से बेचती है.

बसंती के अनुसार, इमो पालना काफी आसान है. खुले आसमान के नीचे घेराबंदी कर इमो को रखा जा सकता है. उसे खाने के लिए हरी सब्जी, मूली, गाजर, पालक, पत्तागोभी के अलावे चावल और मकई दर्रा भी आहार के रूप में दिया जाता है.