चीन से पिछड़ा भारत, 5 साल के निचले स्तर पर पहुंची GDP, बेरोजगारी भी उच्च स्तर पर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जीडीपी और रोजगार से जुड़े तमाम आंकड़े जारी कर दिए हैं. भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी कि GDP में जनवरी से मार्च की अवधि में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पिछले पांच सालों में जीडीपी का ये सबसे निचला स्तर है.  जीडीपी वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में धीमी पड़कर 5.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.1 प्रतिशत थी.

बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.39 प्रतिशत रहा जो बजट के संशोधित अनुमान 3.4 प्रतिशत से कम है.  इसके साथ ही भारत चीन से पिछड़ गया. भारत ने डेढ़ साल में पहली बार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का रुतबा खो दिया. जबकि चीन आगे बढ़ गया. चीन की अर्थव्यवस्था ने मार्च तिमाही में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है.

वहीं भारत में बेरोजगारी की दर 2017-18 में 45 साल के उच्च स्तर 6.10 प्रतिशत पर पहुंच गयी है. वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी देश की जीडीपी विकास दर 7.7 फीसदी थी. वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.39 प्रतिशत रहा है. यह बजट के 3.40 प्रतिशत के संशोधित अनुमान की तुलना में कम है.

कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन क्षेत्र की संवृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 2.9 फीसदी रही जबकि पिछले साल यह पांच फीसदी थी. आलोच्य वित्त वर्ष में खनन व उत्खनन क्षेत्र की संवृद्धि दर 1.3 फीसदी रही जबकि उससे पिछले साल यह 5.1 फीसदी थी.

वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.39 प्रतिशत रहा है. यह बजट के 3.40 प्रतिशत के संशोधित अनुमान की तुलना में कम है.