पिता थे राजमिस्त्री, मजदूरी करके पूरी की थी अपनी पढ़ाई, अब बनेंगे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

लाइव सिटीज डेस्क : जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे. शिमला में बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया. बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हारने के बाद जयराम ठाकुर का नाम ही सबसे आगे चल रहा था. नेता चुने जाने के बाद ठाकुर पार्टी के सीनियर लीडर्स के साथ गवर्नर आचार्य देवव्रत से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया. शपथ ग्रहण समारोह 27 दिसंबर को शिमला में होगा. बता दें कि जयराम ठाकुर एक मजदूर फैमिली से हैं. पढ़ाई में अच्छे होने के कारण उन्होंने पढ़ाई भी की.

पिता करते थे मजदूरी



सराज इलाके के थुनाग के साथ लगता तांदी जयराम का पैतृक गांव है. उनके पिता का नाम जेठूराम और माता का नाम बृक्मू देवी था. पिता राजमिस्त्री थे. वे रोज 14 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचते थे. उनका बचपन गरीबी में बीता. हालात ऐसे थे कि 10वीं के बाद उन्हें एक साल के लिए पढ़ाई छोड़नी पड़ी. जयराम ने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी के दिनों में ही राजनीति में कदम रखने का फैसला किया.

आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने मजदूरी करके पैसे जुटाए. उसके बाद उन्होंने वल्लभ कॉलेज मंडी में एडमिशन लिया. उसके बाद पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री ली. 26 साल की उम्र में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े पर हार गए. लेकिन, उसके बाद कभी नहीं हारे. 1980-81 में वह आर्थिक तंगी के कारण एक साल तक अपने गांव में ही रहे और खेतीबाड़ी में अपने माता-पिता का हाथ बंटाते रहे.

ऐसे शुरू हुआ राजनीति करियर

छात्र जीवन के दौरान जयराम ठाकुर एबीवीपी के समर्पित कार्यकर्ता थे और वह संघ के करीबी माने जाते हैं. 6 जनवरी 1965 को किसान परिवार में जन्मे, कॉलेज में ABVP से जुड़े. मंडी से B.A. करने के दौरान ही ABVP की ओर से चुनाव जीतने के साथ ही जयराम ने राजनीति में कदम रखा.

1986 में एबीवीपी की प्रदेश इकाई के संयुक्त सचिव बने, फिर पूर्णकालिक प्रचारक बन गए. 1993 में उन्हें सिराज विधानसभा के जिलाध्यक्ष बने और भाजपा ने टिकट देकर मैदान में उतार दिया. 2004 से 2005 तक भाजपा के उपाध्यक्ष रहे, 2006 में अध्यक्ष बने. उस दौर में पार्टी शांता और धूमल खेमे में बंटी हुई थी. नेताओं को एक मंच पर लाकर 2007 के चुनाव में भाजपा को सत्ता दिलाई.

नड्डा का नाम चल रहा था ऊपर

इससे पहले सीएम रेस में जेपी. नड्डा का नाम भी चल रहा था लेकिन, कास्ट फैक्टर को देखते हुए ठाकुर को नेता चुना गया. हिमाचल में ठाकुर कम्युनिटी ज्यादा है और नड्‌डा ब्राह्मण हैं. बीजेपी के सामने सीएम की दिक्कत प्रेम कुमार धूमल के हारने की वजह से हुई थी. नरेंद्र सिंह तोमर ने ठाकुर के नाम का एलान किया. प्रेम कुमार धूमल ने ठाकुर के नाम का प्रस्ताव किया था.

1988 में जीता था पहला चुनाव
जयराम ठाकुर BJP प्रदेशाध्यक्ष बी रह चुके हैं.

धूमल सरकार में जयराम ठाकुर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी थे.
जयराम ठाकुर ने इस बार मंडी से बीजेपी को 6 सीट जिताईं.

जयराम ठाकुर इस बार सिराज विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
प्रदेशाध्यक्ष रहने के दौरान बीजेपी ने पहली बार वि.स. में पूर्ण बहुमत हासिल किया था.