अब मध्य प्रदेश में ‘चारा घोटाला’, सड़ा चारा खाने से 15 दिनों में 300 गायों की मौत

लाइव सिटीज डेस्क : चारा घोटाला के आरोप में राजद अध्यक्ष लालूप्रसाद यादव झारखंड की राजधानी स्थित होटवार जेल में बंद हैं. चारा घोटाला मामले में लालूप्रसाद को हर कोई घेर रहा है. इसी बीच चारा से सम्बंधित एक खबर मध्य प्रदेश से भी आ रही है. मध्य प्रदेश में आगार जिले के सालरिया गांव स्थित गोअभयारण्य में हर रोज 10 से 20 गाय की मौत हो रही है. 15 दिनों के भीतर 300 गाय की सड़ा चारा खाने से मौत हो गई. पत्रिका अख़बार की ख़बर के अनुसार यह देश का पहला गोअभयारण्य है, जिसकी नींव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 4 नवंबर, 2012 में रखी थी.

 



इस खबर के सामने आने पर पूरा हडकंप मच गया. सोशल मीडिया पर भी लोग इस खबर को पूरा शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि क्या यह चारा घोटाला नहीं है. क्या मीडिया इसे प्रमुखता से दिखाएगी. इस खबर को लालूप्रसाद के बेटे पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी रीट्वीट किया है. तेजस्वी यादव ने लिखा है, क्या पूर्वाग्रह से ग्रस्त मीडिया अब शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर के साथ चारा खाती गाय/भैंस की animated फ़ोटो लगायेगा? भाजपा बतायें इस चारे का चोर कौन? यह चारा किसने खाया? क्या यह कृत्य राष्ट्रहित में किया गया?

बताया जा रहा है कि पत्रिका की टीम ने मौके पर पहुंच कर पाया कि गोअभयारण्य केंद्र में कोई भी शासकीय कर्मचारी मौजूद नहीं था. सालरिया गांव के निवासी गाय की लाश को ट्रैक्टर में लाद रहे थे. स्थानीय मजदूरों ने बताया कि सड़ा चारा खाने के चलते रोजाना 10 से 20 गाय मर जाती हैं और 15 दिनों के भीतर 300 गाय सड़ा चारा खाने के चलते मर चुकी हैं. मरी हुई गायों को गोअभयारण्य के पीछे गड्ढे में दफनाया जा रहा है.

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गाय को चारा खिलाने वाले मजदूरों ने बताया कि कुल 17 शेड हैं, जिनमें हर शेड में 200 से 300 गाय हैं. सब की देख-रेख करने के लिए महिला और पुरुष कर्मचारियों को रखा गया है. सरकारी कर्मचारी 12 बजे आते हैं और 2 बजे के आस-पास चले जाते हैं. मजदूरों ने बताया कि वर्तमान में गाय को खिलाने के लिए बस सूखा सोयाबीन है, जो सड़ा हुआ है. इसे खाने से गायों की प्रतिदिन मौत हो रही हैं.