सीएम योगी आज जाएंगे नोएडा, तोड़ेंगे 29 वर्ष पुराना मिथक

लाइव सिटीज डेस्क : 29 साल से चले आ रहे अंधविश्वास को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज नोएडा पहुंच रहे हैं. सीएम योगी यहां मेट्रो की नई मैजेंटा लाइन के सोमवार को होने वाले उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेंगे. इस बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी की नोएडा यात्रा को लेकर तंज कसा. ट्वीट करते हुए अखिलेश ने लिखा कि-‘ राम नाम जपना, पराया काम अपना’.

इस ट्वीट के साथ अखिलेश यादव ने एक अंग्रेजी अखबार की खबर का हवाला देते हुए बताया कि जिस मेजेंटा लाइन मेट्रो को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे. वो उनके मुख्यमंत्री रहते हुए ही पूरी हो चुकी थी. पिछले साल ही अखिलेश यादव ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के नोएडा के सेक्टर 71 से ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क के बीच 15 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन की आधारशिला रखी थी. वहीं अखिलेश यादव ने 3.9 किमी लंबी बोटेनिकल गार्डन-कालिंदी कुंज मेट्रो प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था. जोकि इसी साल अप्रैल में शुरू होने वाली थी और उसका ट्रायल चल रहा था.



दरअसल 25 दिसंबर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा के बोटैनिकल गार्डन से दिल्ली के कालकाजी मैजेंटा लाइन मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ का नोएडा जाना इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले 29 सालों से यूपी का कोई भी सीएम यहां आने से बचता है. इसके पीछे एक अंधविश्वास रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री यहां आया, कुछ दिन बाद उसकी कुर्सी चली गई. आखिरी बार बीएसपी सुप्रिमो मायावती नोएडा गईं थीं और 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा था.

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योगी आदित्यनाथ से पहले सूबे के मुखिया अखिलेश यादव भी नोएडा आने से बचते रहे. हालांकि कई बार उन्होंने इस अंधविश्वास को तोड़ने की बात कही थी, मगर वो भी यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा सके. ये अलग बात है कि अब सीएम योगी के नोएडा दौरे को लेकर उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी तो भगवान से सेटिंग है.

29 साल से सूबे के मुखिया को डराता रहा नोएडा

नोएडा को लेकर अंधविश्वास तब जुड़ा जब सूबे में कांग्रेस की सरकार थी और उस वक्त के मुख्यमंत्री और गोरखपुर के निवासी वीर बहादुर सिंह 23 जून 1988 को नोएडा गए. मगर इसके अगले ही दिन ऐसे हालात बने कि उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा. यहीं से ये अंधविश्वास खड़ा हुआ कि जो भी सीएम नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है. वीर बहादुर सिंह के बाद नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती से लेकर अखिलेश यादव तक मुख्यमंत्री बने, लेकिन नोएडा सबको डराता रहा.

योगी पर भी उठे थे सवाल

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सभी 75 जिलों का दौरा शुरू किया था. इसके बाद भी वो अब तक नोएडा नहीं आए थे. ऐसे में योगी पर भी सवाल उठ रहे थे, कि वो यहां आने का साहस उठा पाएंगे कि नहीं. हालांकि शनिवार को योगी यहां आ रहे हैं और 25 दिसंबर को नोएडा के कार्यक्रम में भी शामिल हो रहे हैं.