रेलवे ने टिकट बुकिंग नियम में किए बदलाव, जानिए क्या है रिजर्वेशन की नई प्रक्रिया

लाइव सिटीज डेस्क : भारतीय रेलवे के ऑनलाइन पोर्टल IRCTC से लाखों टिकट बुक किए जाते हैं. इसको लेकर अक्सर यात्रियों को परेशानी भी होती है. रेलवे ने इसी के मद्देनजर कुछ नियमों में बदलाव किए हैं. एक यूजर आईडी से एक महीने में 6 टिकट बुक कर सकते हैं. लेकिन अगर आधार वेरिफाइड है तो 12 टिकट बुक कर पाएंगे. हालांकि, 8 बजे से 10 बजे के बीच सिर्फ 2 टिकट बुक कर पाएंगे. बता दें कि पहले यात्री केवल 90 दिन पहले ही टिकट बुक करा सकते थे. इसके अलावा आईआरसीटीसी ने कई अन्य नियमों में भी बदलाव किए हैं, जो नीचे दिए गए हैं.

आगे जानिए अन्य नियम…

  • कोई यात्री यात्रा से 120 दिन पहले टिकट बुक करा सकता है. वहीं एक यूजर आईडी केवल 6 टिकट ही महीने भर में बुक हो सकते हैं. यदि आईडी आधार से लिंक है, तो यूजर 12 टिकट बुक कर सकता है. सुबह 8 से 10 बजे के बीच केवल दो टिकट ही बुक किए जा सकते हैं.
  • तत्काल टिकट यात्रा से एक दिन पहले बुक किए जा सकते हैं. एसी कोच की बुकिंग सुबह 10 बजे से जबकि स्लीपर क्लास की बुकिंग सुबह 11 बजे से हो सकेगी.
  • एक आईडी से सुबह 10 से 12 के बीच एक दिन में केवल 2 टिकट ही बुक किए जा सकते हैं. तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान एक समय पर दो स्टेशन के बीच 6 सीट बुक की जा सकती है. एस सेशन में केवल एक टिकट ही बुक किया जा सकता है.
  • सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सिंगर पेज या क्विक बुक की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी. कैपचा लॉग इन पेज, पैसेंजर डिटेल और पेमेंट वेबपेज पर उपलब्ध होगा.
  • एजेंट सुबह 8 से 8:30 के बीच, 10 से 10:30 के बीच और 11 से 11:30 के बीच टिकट बुक कर सकते हैं. अधिकृत ट्रैवल एजेंट शुरू के 30 मिनट तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकते हैं. ये कदम फर्जी टिकट बुकिंग रोकने के लिए उठाया गया है.
  • ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यात्री की जानकारी भरने के लिए केवल 25 सेकेंड का समय होगा. वहीं पैसेंजर पेज व पेमेंट पेज पर कैपचा भरने के लिए कमय केवल 5 सेकेंड का होगा. नेटबैंकिंग के जरिए पेमेंट करने के लिए वन टाइम पासवर्ड का इस्तेमाल करना होगा.

 इन परिस्थितियों में रिफंड क्लेम कर सकते हैं

यदि ट्रेन निर्धारित समय के तीन घंटे के बीच डिपार्चर नहीं होती है, यदि ट्रेन का रूट बदला जाता है और यात्री उस रास्ते से यात्रा नहीं कर रहा हो, तो रिफंड क्लेम कर सकता है. यदि यात्री का टिकट लोवर क्लास के डिब्बे में सिफ्ट कर दिया जाए और वह उस उस क्लास में यात्रा नहीं करना चाहता हो तो वह रिफंड क्लेम कर सकता है. लेकिन यदि यात्री यात्रा करना चाहता है तो वह किराए का अंतर वापस ले सकता है.

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बोल की लब आज़ाद हैं तेरे, बोल जबां अब तक तेरी है

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