न्यूयार्क टाइम्स का नरेंद्र मोदी पर करारा हमला, कहा- निर्भया कांड से सबक नहीं सीखें हैं पीएम

लाइव सिटीज डेस्क : निर्भया कांड से कांग्रेस की सरकार ने कोई सबक नहीं लिया था और अब उन्नाव व कठुआ कांड से नरेंद्र मोदी की सरकार कोई सबक नहीं ले रही है. निर्भया कांड के बाद जिस तरह कांग्रेस की सरकार ने ‘चुप्पी’ साध ली थी, अब उसी तरह कठुआ कांड में नरेंद्र मोदी की सरकार कुछ नहीं बोल रही है. इसे लेकर न्यूयार्क टाइम्स ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. न्यूज पेपर ने अपने संपादकीय में केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

न्यूयार्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में निर्भया कांड की याद दिलाई है. न्यूज पेपर ने लिखा है कि जिस तरह निर्भया कांड पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी थी और कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया था. उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. लगता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उससे कोई सबक नहीं सीखा. नरेंद्र मोदी द्वारा उन्नाव और कठुआ मामलों पर ‘चुप्पी साधने’ की तीखी आलोचना करते हुए संपादकीय में यह भी लिखा है कि इस तरह की और ऐसी ही अन्य हिंसक घटनाएं देश में महिलाओं, मुसलमानों और दलितों को डराने के लिए ‘राष्ट्रवादी ताकतों द्वारा एक संगठित और व्यवस्थित अभियान’ का हिस्सा हो गया है.

‘मोदीज लॉन्ग साइलेंस एज वुमेन इन इंडिया आर अटैक्ड’ हेडिंग से लिखे गये संपादकीय में कहा गया है कि कैसे मोदी लगातार ट्वीट करते हैं और खुद को एक प्रतिभाशाली वक्ता मानते हैं. इसके बावजूद वे अपनी आवाज तब खो देते हैं, जब महिलाओं और अल्पसंख्यकों को लगातार राष्ट्रवादी और सांप्रदायिक ताकतों की ओर से खतरे का सामना करना पड़ता है. न्यूज पेपर ने नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि दुष्कर्म के यह मामले देश के लिए शर्मिंदगी लेकर आए हैं और हमारी बेटियों को निश्चित ही न्याय मिलेगा. न्यूज पेपर ने यह भी लिखा है कि लेकिन उनका बयान खोखला जैसा है, क्योंकि इसमें उन्होंने काफी देर कर दी. इतना ही नहीं, उन्होंने इस पर कड़ा रूप अपनाने के बजाय सामान्य रूप से इसे यह कहकर व्यक्त किया कि बीते दो दिनों में जिन घटनाओं की चर्चा हो रही है..’

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गौरतलब है कि न्यूज पेपर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इसके पहले भी इसी तरह का रवैया अपनाने का अरोप लगाया, जब उनके राजनीतिक अभियान से संबद्ध गौरक्षक समूह ने गायों की हत्या करने के झूठे आरोप लगाकर मुस्लिम और दलितों पर हमले किए और हत्या की. न्यूज पेपर ने इस पर सवाल दागे हैं कि उन्नाव कांड में वहां के बीजेपी विधायक का नाम आया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इन सबके बारे में कुछ नहीं कहा. उन्होंने उत्तर प्रदेश दुष्कर्म मामले के आरोपी बीजेपी विधायक के बारे में भी कुछ नहीं कहा. न्यूज पेपर ने यह भी लिखा है कि बीजेपी ने बड़े पैमाने पर चुनाव में जीत दर्ज की थी, क्योंकि मोदी ने भ्रष्टाचार से घिरी तत्कालीन सरकार के बाद भारतीयों को ज्यादा जवाबदेह सरकार देने का वायदा किया था. लेकिन, इसके स्थान पर उन्होंने चुप्पी और मामले से ध्यान हटाने की पद्धति विकसित की है, जो कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के स्वास्थ्य की चिंता करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए काफी चिंताजनक है.

संपादकीय में न्यज पेपर ने यह भी लिखा है कि मोदी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती है कि उनका समर्थन करनेवाले के द्वारा किए गए हर अपराध पर वह बोले ही. लेकिन, हिंसा के यह मामले कोई अलग-थलग और अपवादस्वरूप नहीं है. यह राष्ट्रवादी ताकतों के संगठित और योजनाबद्ध अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद महिलाओं, मुसलमानों, दलितों और अन्य वंचित तबकों को आतंकित करना है. प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि सभी लोगों की सुरक्षा करें और उनके लिए लड़ें, न कि सिर्फ उनके लिए जो उनसे राजनीतिक रूप से जुड़े हैं.

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