लाइव सिटीज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बोहरा समुदाय में शामिल होने का मामला अब पूरा राजनीतिक रूप ले चुका है. पहले भी कहा जा रहा था कि यह पीएम नरेंद्र मोदी का चुनावी दांव है. अब कुछ लोग इस पर तंज कर रहे हैं. विपक्ष के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने भी नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किए हैं. उन्होंने कहा कि कल तक जिनकों मन्दिरों से प्रेम था वह आज मस्जिदों से इश्क लड़ा रहे हैं. ऐसी सरकार को हिंदू संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और आने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का विरोध करेंगे.

सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई

कस्बा स्थित पाण्डव गेस्ट हाउस में हिंदू संगठनों के कार्यकताओं को संबोधित करते हुए डॉ.तोगड़िया ने कहा कि हिंदू समाज को अपना वैभव वापस पाने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने में अपना योगदान दिया. उम्मीद थी कि देश में बेरोजगारी, अशिक्षा, भुखमरी, बलात्कार को नियंत्रित करने के साथ यह सरकार राम मंदिर का निर्माण कर रामराज्य लाएगी. लेकिन इन सभी मुद्दों पर केंद्र की वर्तमान सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है.

न मंदिर बना न रामराज्य आया

उन्होंने कहा कि न राम मंदिर का निर्माण हुआ और न ही रामराज्य आया. राम मंदिर का वादा करके केंद्र की सत्ता में पहुंचने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव के पहले तक मंदिरों से प्रेम था लेकिन सत्ता में आने के बाद वह मस्जिदों से इश्क लड़ा रहे हैं. सत्ता मिलने के चार वर्ष बीत गए पर एक बार भी वह अयोध्या रामजन्म भूमि जाने का साहस नहीं कर सके. जबकि प्रधानमंत्री फैजाबाद तक गए थे.

मुस्लिम बीवियों के वकील बन गए

उन्होंने कहा कि हिंदू संगठनों ने नरेंद्र मोदी को भगवान राम का वकील बनाकर केंद्र की सत्ता सौंपी थी लेकिन वह राम का वकील बनने की जगह मुस्लिम बीवियों के वकील बन गए. उन्होंने सभी हिंदू संगठनों का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले 21 अक्टूबर को राम मन्दिर के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचें और वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार को राम मंदिर बनाने व रामराज्य लाने के लिए विवश कर दें.

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