ममता बनर्जी ने तीसरी बार संभाली मुख्यमंत्री की कुर्सी, राज्यपाल की हिदायत पर दिया यह जवाब

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली ली. बुधवार को उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शपथ दिलाने के बाद लगे हाथ हिदायत भी दे दी. फिर तो ममता बनर्जी कहां चुप रहने वाली थीं. उन्होंने कहा कि अब हमने कुर्सी संभाल ली है, कोई भी दोषी नहीं बख्शा जाएगा.

दरअसल, पश्चिम बंगाल में टीएमसी को बहुमत मिला है. उसे 200 से अधिक सीटें आई हैं. टीएमसी को 292 में से 213 सीटें मिली हैं. ममता बनर्जी ने आज टाउन हॉल में मुख्यमंत्री पद की तीसरी बार शपथ ली. शपथ दिलाने से पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने गुलदस्ता देकर ममता बनर्जी का स्वागत किया. शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया को भी थैंक्स कहा.

ममता ने कहा कि कोविड के खिलाफ जंग लड़ना हमारी प्राथमिकता में है. महामारी पर ही हमारी पहली बैठक होने वाली है. जल्द ही प्रेस को भी ब्रीफ करेंगे कि कोरोना संकट से निजात पाने के लिए हमारी सरकार क्या-क्या करेगी. उन्होंने सभी पॉलिटिकल पार्टियों से अपील की है कि वे लोग शांति बनाए रखें. बंगाल में किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए. यदि हिंसक घटना हुई तो हम कड़ा एक्शन लेंगे. बंगाल में शांति थी, है और रहेगी.

ममता बनर्जी ने बात कर माइक रखा ही था कि मौके पर मौजूद राज्यपाल धनखड़ ने माइक उठा लिया. उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि ममता बनर्जी बंगाल में संविधान और कानून व्यवस्था के अनुसार शासन करेंगी. हमारी प्राथमिकता बंगाल में हो रही निरर्थक हिंसा को फौरन बंद करना है. चुनावों के बाद हिंसा अगर बदला लेने के लिए है, तो ये संविधान के खिलाफ है. मुझे यह भी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगी. मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और मेरी छोटी बहन इन हालात में खड़ी होंगी और चुनौतियों से निपटेंगी. आप ऐसी व्यवस्था बनाएंगी, जिसमें राज्य खुशहाली और विकास के रास्ते पर बढ़ेगा.

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बात खत्म कर माइक को रखा ही था कि उसे फिर ममता बनर्जी ने उठा लिया. राज्यपाल की ‘हिदायत’ पर ममता बनर्जी कहां चुप रहने वाली थी. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल की व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी. यहां की कानून व्यवस्था भी चुनाव आयोग ही देख रहा था. मुझे हिंसा के संबंध में खबरें मिली हैं. राज्य में जो भी घटनाएं हुई हैं, उसके लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हम भरोसा दिलाते हैं कि हम नई व्यवस्था बनाएंगे और बंगाल में किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं होगी.