मौनी अमावस्या का जानिए क्या है महत्व, आज गलती से भी न करें ये काम

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः मौनी अमावस्या इस साल 4 फरवरी यानी सोमवार के दिन है. माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी या माघी अमावस्या कहते हैं. दरअसल इस दिन मौन धारण करना काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में मौनी अमावस्या में कुछ चीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार ऐसे करने से गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

मौनी अमावस्या पर इस साल कई शुभ संयोग बन रहे हैं. वहीं, इस दिन स्त्री और पुरुष दोनों को शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए. गरुड़ पुराण के मुताबिक- मौनी अमावस्या पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को जीवन में कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है.

इतना ही नहीं ऐसा करने से पितृगण भी नाराज होते हैं. मौनी अमावस्या में स्त्री-पुरुष को किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचना चाहिए. इससे घर में अशांति का वातावरण होता है. ये हमेशा नकारात्मक शक्ति को जन्म देता है. वहीं, इस दिन मौन रहकर भगवान का भजन करना चाहिए.

अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं. मौनी अमावस्या की रात श्मशान घाट या कब्रिस्तान या उसके आस-पास घूमें. इसके अलावा मौनी अमावस्या की सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए. इस दिन सुबह जल्दी उठें और मौन रहते हुए पानी में काले तिल डालकर स्नान करें. स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. ध्यान रहे स्नान करने से पहले कुछ बोलें नहीं. इस दिन स्नान, दान से मोक्ष फल की प्राप्ति होती है.

मौनी अमावस्या तिथि और शुभ मुहूर्त

  • अमावस्या तिथि – सोमवार, 4 फरवरी 2019
  • अमावस्या तिथि आरंभ – 23:52 बजे से (3 फरवरी 2019)
  • अमावस्या तिथि समाप्त – 02:33 बजे (5 फरवरी 2019)

मौनी अमावस्या के दिन किसी भी गरीब और असहाय व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार शनिदेव गरीबों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में जो व्यक्ति गरीब का अपमान करता है, उस पर शनिदेव कृपा नहीं करते. इसके अलावा अमावस्या के दिन पीपल की पूजा करना शुभ फलदायी माना गया है. शनिवार के दिन को छोड़कर किसी और दिन पीपल का स्पर्श करना अशुभ माना गया है. इसलिए मौनी अमावस्या पर पूजा करें लेकिन उसे स्पर्श न करें.

About Md. Saheb Ali 4927 Articles
Md. Saheb Ali

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*