बड़ा खुलासा: मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने नियमों की अनदेखी कर बेटे को कराया बहाल, HC ने मांगा जवाब

मंत्री कृष्णनंदन वर्मा (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज सेंटर डेस्क : बिहार सरकार में शिक्षा व विधि मंत्री कृष्णनंदन वर्मा विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं. उनपर आरोप है कि उन्होंने तमाम नियमों को ताक पर रख अपने बेटे को स्पेशल पीपी में बहाल करवा दिया. इस मामले में हाईकोर्ट ने मंत्री कृष्णनन्दन वर्मा पर नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है.

दरअसल यह मामला 10 जनवरी का है, जब विधि विभाग ने अपने मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा के पुत्र मुकेश नंदन वर्मा को जहानाबाद जिले का विशेष लोक अभियोजक के पद पर बहाल करने का आदेश जारी किया. इस संबंध में विधि विभाग के संयुक्त सचिव राजीव कुमार ने जहानाबाद के जिलाधिकारी को पत्र भेजा है.

इस मामले को लेकर विधि विभाग ने जिलाधिकारी को लेकर पत्र भेजा है, जिसमें लिखा गया है कि जहानाबाद जिला के लिए लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम से संबंधित वादों के संचालन के लिए राज्य सरकार ने मुकेश नंदन वर्मा अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय जहानाबाद जिनका पंजीयन संख्या 1129/2010 है. पद ग्रहण की तिथि से तीन वर्षों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाता है. इसमें मंत्री के बेटे मुकेश नंदन वर्मा सहित जहानाबाद के 4 अन्य वकील राकेश कुमार, संजय कुमार, श्याम नारायण वर्मा को भी स्पेशल पीपी बनाया गया है.

मंत्री पर लगा है ये आरोप

बिहार सरकार के विधि मंत्री कृष्णनंदन वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने बिना कोई नियम,विज्ञापन और कागजी कार्रवाई पूरा किए के ही जहानाबाद जिले में पीपी बहाली में अपने पुत्र सहित कई विशेष लोक अभियोजकों की बहाली की है. वहीं 5 स्पेशल पीपी के अलावा जहानाबाद जिले के लिए 21 अपर लोक अभियोजक बहाली के लिए भी 10 जनवरी को हीं पत्र जारी किया गया है.

हाईकोर्ट में किया गया अपील

हाईकोर्ट के वरीय वकील दीनू कुमार ने बताया कि बिहार सरकार लॉ अफसर की बहाली के लिए जो नियम बनाए थे उसे पटना हाईकोर्ट ने 16 जुलाई 2018 को निरस्त कर दिया. इसके बाद बिहार सरकार ने लॉ ऑफिसर की बहाली के लिए कोई नया नियम नहीं बनाया है. इसके बावजूद 10 जनवरी 2019 को बिना नियम और विज्ञापन के ही विधि मंत्री के बेटे सहित 5 को स्पेशल पीपी बना दिया गया. साथ ही 21 अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति की गई.

उन्होंने आगे बताया है कि नियम के विरूद्ध हुई बहाली के बाद पटना हाईकोर्ट में सुशील कुमार चौधरी ने अपील किया था जिसपर आज हाईकोर्ट में के अनिल कुमार उपाध्याय की बेंच पर सुनवाई हुई है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने विधि मंत्री को नोटिस दिया है. वकील दीनू कुमार ने कोर्ट मे दलील दिया है कि विधि मंत्री के बेटे की वजह से नियम विरूद्ध बहाली की गई है.

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि किस आधार पर स्पेशल पीपी सहित एपीपी की बहाली की गई. इस संबंध में विधि मंत्री को 18 जून 2019 तक जवाब देने को कहा है. अब अगली सुनवाई 18 जून को होगी.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*