अब डॉक्टरों से मारपीट और हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करने वालों की खैर नहीं, डीजीपी और गृह सचिव ने सभी डीएम-एसपी को दे दिया फुल ऑर्डर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोरोना संकट के बीच डॉक्टरों से मारपीट और हॉस्पीटल में तोड़फोड़ करने वालों की अब खैर नहीं है. अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी. इसको लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी डीएम और एसपी को निर्देश जारी कर दिया है.  अस्पतालों की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर डीजीपी एसके सिंघल और अपर मुख्य गृह सचिव चैतन्य प्रसाद ने निर्देश जारी किया है.

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जारी पत्र में कहा गया है कि सभी जिला पदाधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक अपने अपने जिले में कोविड-19 के इलाज के लिए चिन्हित अस्पतालों, कोविड केयर सेंटर एवं अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठान जहां कोविड-19 के मरीजों का इलाज किया जा रहा है या संक्रमण की आशंका वालें व्यक्तियों को क्वारंटीन में रखा गया है के आसपास विधि व्यवस्था के समुचित संधारण के लिए आवश्यकता के अऩुरूप पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे.

उन क्षेत्रों में जहां ऐसे अस्पताल/ कोविड केयर सेंटर अवस्थित हैं, जहां पेट्रोलिंग की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा गश्त की संख्या में वृद्धि की जाए. सभी एसपी स्थिति के आकलन के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर सकेंगे. जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोविड-19 के इलाज में संलग्न सभी डॉक्टरों, अस्पतालों एवं अन्य संस्थाओं को विधि व्यवस्था एवं कोविड राहत कार्यों से संबंद्ध महत्वपूर्ण पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारयों के मोबाईल नंबर उपलब्ध कराएं जाएं. ताकि मरीजों के परिजन या अन्य व्यक्तियों द्वारा इलाज में बाधा पहुचाएं जाने, हिंसक व्यवहार किए जाने या अन्य आपात स्थित में पुलिस बल या अन्य आवश्यक मदद के लिए तत्काल संपर्क किया जा सके.

सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिया गया है कि यदि की व्यक्ति, समूह चिकित्सा संस्थानों मे किसी डॉक्टर, या कर्मचारी या अस्पताल प्रबंधन को इलाज या उनके कर्तव्यो के निर्वहन के दौरान कोई हानि,क्षति, अवरोध या बाधा पहुंचाता है तो उसके विरूद्ध बिहार चिकित्सा सेवा संस्थान और व्यक्ति सुरक्षा अधिनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाए.