मोदी वाली महंगी मशरूम 80 नहीं 30 हजार रुपए किलो मिलती है, जानें क्यों होता है इतना महंगा

लाइव सिटीज डेस्क : भारत में सियासत और राजनीत कभी खत्म नहीं हो सकतें. नेता लोग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलते आ रहे हैं और खेलते रहेंगे. हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी पर गुजरात के युवा ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने आरोप लगाया है कि वो विदेश से मंगा कर मशरूम खाते हैं. हाल ही में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए अल्पेश ने कहा है कि पीएम मोदी ताइवान से मशरूम मंगवा कर खाते हैं. पीएम जो मशरूम खाते हैं उस एक मशरूम की कीमत 80 हजार रुपए है. इसपर कई दिनों से बहस चल रही है, ऐसे में चलिए जानेत हैं आखिर क्या है मशरूम की सच्चाई.

मोदी ने कहा था वो खाते हैं ‘गुच्‍छी’

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे, तब उन्‍होंने एक बार कुछ पत्रकारों को ऑन रिकॉर्ड यह बताया था कि उनकी सेहत का राज हिमाचल प्रदेश का मशरूम है. पीएम मोदी मशरूम की जिस प्रजाति को सबसे ज्‍यादा पसंद करते हैं, उसे ‘गुच्‍छी’ कहते हैं और यह हिमालय के पहाड़ों पर पाया जाता है.

उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के जंगलो में पाया जाता है

इसका उत्‍पादन नहीं किया जा सकता और इसे प्राकृतिक रूप से ही हासिल किया जाता है. यह उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू-कश्‍मीर के ऊंचे पहाड़ों पर जंगलों में पाया जाता है और बर्फ के बढ़ने और पिघलने के बीच के दौर में ही उगता है.

जानें क्यों होता है इतना महंगा

अब चूंकि यह बहुत कम पाया जाता है, इसलिए इसकी कीमत कभी-कभी 30,000 रुपये किलो तक पहुंच जाती है. हालांकि एक किलो में काफी मशरूम आ जाता है, क्‍योंकि यह सूखने पर बिकता है. औसतन देखें तो गुच्‍छी मशरूम 10,000 रुपये किलो मिल जाता है. इस मशरूम में बी कॉम्प्लैक्ट विटामिन, विटामिन डी और कुछ जरूरी एमीने एसिड पाए जाते हैं. इसे लगातार खाने से दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बहुत ही कम हो जाती हैं. इसकी मांग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका, फ्रांस, इटली और स्विटरलैंड जैसे देशों में भी है.

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