कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी देश को कर रहे संबोधित, पढ़िए..क्या कुछ कह रहे हैं प्रधानमंत्री…Live भाषण

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं. अपने संबोधन भाषण के दौरान क्या कुछ कह रहे हैं…आइए पढ़ते है….

मेरे प्यारे देशवासियों नमस्कार…दुनिया की अनेक देश की भांति भारत भी कोरोना की इस लड़ायी से जुझ रहा है

  • जिन्होंने कोरोना के कारण अपना परिवार खोया उसके साथ पूरे देश की संवेदना है
  • बीते 100 वर्षो में इस तरह की त्रासदी से पूरा देश मर्माहत है
  • कोविड से लड़ने के लिए आईसीयू बेड की संख्या बढ़ायी गयी
  • कोविड से लड़ने के लिए सवा साल में एक नया इंफ्रास्ट्रक्टर तैयारी किया गया
  • हमारा देश कई मोर्चे पर एक साथ लड़ रहा है
  • दूसरे लहर में ऑक्सीजन की डिमांड काफी बढ़ी
  • मांग के अनुरूप वैक्सीन निर्माता देशों की संख्या काफी कम है
  • कोरोना से लड़ाई में वैक्सीन एक मात्र कवच है
  • कोरोना से लड़ायी में सेनाओं को लगाया गया
  • जिस रफ्तार से पहले टीकाकरण चल रहा था आज उस रफ्तार से चलते तो 60 साल लग जाते

-हमने वैक्सीनेशन की स्पीड भी बढ़ायी

-बच्चों को जानलेवा बीमारी से बचाने के उपाए किए

-भारत को विदेशों से टीका मिलने में वर्षो लग जाते थे

-शत-प्रतिशत टीकाककरण के लिए 40 लग जाते

-वैक्सीनेशन की रफ्तार 60 से 90 फीसदी तक पहुंच गया

-नियत और नीति साफ करके एक साल के भीतर ही दो मेड इन इंडिया वैक्सीन लंच किया

-दो-दो भारतीय वैक्सीन लॉच कर विश्व में भारत ने परचम लहराया

-आज 23 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुके हैं

-2014 में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 40 प्रतिशत था

-हम शत प्रतिशत टीकाकरण की तरफ बढ़ ही रहे थे तभी दूसरी लहर आ गयी

-देश में वैक्सीन नहीं बनती तो हालत बिगड़ती

-आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ने वाली है

– आज 7 कंपनियां वैक्सनी निर्माण में लगी है. तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है

-बीते सौ सालों में कोरोना सबसे बड़ी महामारी है

– आज देश में नेजल वैक्सीन पर भी रिसर्च जारी है, इसके सिरिंज से ना देकर नाक में दिया जाएगा

-सफलता तब मिलती है जब अपने आप पर विश्वास हो

-दुनिया को ये आशंका हो गयी की भारत कैसै संभाल पाएगा

-हमें देश के वैज्ञानिकों पर भरोसा था, उन्हें पूरा पूरा सहयोग दिया गया

-विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देश के अनुसार भारत में भी वैक्सीनेशन शुरू

-कोरोना की दूसरी लहर से पहले अगर फ्रंट लाइनर्स को वैक्सीन नहीं लगी होती तो आज स्थिति काफी दयनीय होती

-बच्चों के टीका पर भी काम चल रहा है

-संविधान में हेल्थ राज्य का विषय है, इसलिए केन्द्र सरकार ने एक गाइडलाइन बनाकर राज्यों को दिया.

-16 जनवरी से अप्रैल महीने के अंत तक वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत केन्द्र सरकार की देखरेख में चला

– वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर अनेक प्रदेशों की ओर से तरह-तरह से बाते कही गयी

-राज्यों की मांग को देखते हुए 16 जनवरी से चली आ रही व्यवस्था में परिवर्तन किया गया

-1 मई 2021 से वैक्सीनेशन का 25 प्रतिशत काम राज्यों को सौप दिया गया

– मई में दूसरी लहर, वैक्सीन को लेकर लोगों की मांग और राज्य सरकार की कठिनाईया शुरू हो गयी

-इन सारी कठिनाईयों को देखते हुए कई राज्य सरकार पहले वाली व्यवस्था को सही कहने लगे

– 1 मई से पहले वाली पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए, केन्द्र सरकार ने सोचा

-राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा 25 प्रतिशत काम भारत सरकार उठायेगी

-आने वाली दो सप्ताह में यह व्यवस्था लागू की जाएगी

-दो सप्ताह में केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर ये काम शुरू कर लेगी

-21 जून से देश के हर राज्य में 18+ वाले नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया करायेगी

-राज्यों को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा

-सभी देशवासियों को भारत सरकार मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करायेगी

-जो व्यक्ति मुफ्त में वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते उनके लिए बन रहे वैक्सीन में से 25 प्रतिशत प्राइवेट अस्पताल ले सकते हैं

-प्राइवेट अस्पताल एक डोज पर 150 रूपया ही ले सकेंगे, इसकी निगरानी राज्य सरकार करेगी  

-पिछले वर्ष पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 8 महीने तक 80 करोड़ से ज्यादा गरीबों को मुफ्त राशन देने का काम किया गया.

-इस वर्ष से भी मई और जून के लिए इस योजना का विस्तार किया गया

-पीएम गरीब कल्याण योजना को दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा

– नवंबर तक 80 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा

-राजनीतिक छिटाकशी अच्छा नहीं लगता है

-कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से बातों को फैलाया गया

-वैक्सीन ना लगवाने के लिए तरह-तरह के तर्क प्रचारित किए गए

-वैक्सीन को लेकर जो लोग आशंका पैदा कर रहे हैं, वो भोले भाले भाई-बहनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं

-मैं भी आप सब से अनुरोध करता हूं, आप भी वैक्सीन को लेकर जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें

-कई जगहों पर कोरोना कर्फ्यू में ढील दी जा रही है, लेकिन लापरवाह नहीं रहना है

-हमें पूरा विश्वास है कि भारत कोरोना से जंग में जीतेगा