हिमालय के जंगलों में मिली काली और चारकोल की तरह ये चीज, इसे खाकर इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता

लाइव सिटीज डेस्क : भारत देश में विभिन्न प्रकार की औषधियां पाई जाती हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं है. इनमें से कुछ औषधियां ऐसी हैं जिनका उपयोग किसी चमत्कार से कम नहीं है. इन औषधियों के इतने लाभ होते हैं कि आज भी विज्ञान नहीं जान सका है. इन्हीं औषधियों में आज हम एक ऐसी औषिधि की बात करेंगे जो दिखने में तो पत्थर की तरह है पर इसके इतने गुण हैं कि हम सोच भी नहीं सकते हैं.



इसका सबसे खास गुण तो यह है कि हमारी उम्र को रोक सा लेता है. आइए जानते हैं इसके बारे में क्या है इसका नाम और कैसे यह काम करती है. प्राचीन वैदिक ग्रथों के अनुसार पत्थर से शिलाजीत बनता है. सूर्य की गर्मी से पहाड़ों की चट्टानों के धातु पिघलने लगती है उसे शिलाजीत कहा जाता है. यह बहुत काला और चारकोल की तरह गाढ़ा होता है.

बूढ़े इंसान में भी 20 वर्ष के जवान की तरह ताकत 

इसके सेवन से बूढ़े इंसान में भी 20 वर्ष के जवान की तरह ताकत आ जाती है. शिलाजीत स्वाद में कसैल, गर्म और ज्यादा कड़वा होता है. यह चार प्रकार का होता है. स्वर्ण, रजत, ताम्र और लौह. शिलाजीत इस्तेमाल करते समय भी अधिक खटाई और मिर्च मसालों के सेवन से बचना पड़ता है.

शिलाजीत के सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोंस संतुलित हो जाते हैं जिससे इंसान को टेंशन की समस्या नहीं होती है. इसमें अधिक अधिक मात्रा में विटामिन और प्रोटीन मौजूद है जिसकी वजह से शरीर में उर्जा का संचार होता है. शिलाजीत खाने से हड्डियों की मुख्य बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या दूर होने के साथ हड्डियां मजबूत हो जाती हैं.

शिलाजीत से बल्डप्रेशर सामान्य हो जाता है

शिलाजीत से बल्डप्रेशर सामान्य हो जाता है. यह शरीर में खून को साफ करके नसों में रक्तसंचार को ठीक करता है. उम्र बढऩे के साथ साथ चेहरे और शरीर की त्वचा झुर्रीदार होना तो आम बात है पर ऐसे में सफेद मसूली, अश्वगंधा और शिलाजीत को मिलाकर बनाई गई दवा शरीर को फिर से जवां बनाने का काम करती है.

 

प्रकृति की कोख से जन्मा है शिलाजीत 

वैसे शिलाजीत प्रकृति की कोख से जन्मा है, पर इसका गलत उपयोग करने से या फिर इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से मानव शरीर को कई तरह की हानि पहुंच सकती है. इसमें लोहा (iron) उच्च मात्रा में पाया जाता है, जिसकी वजह से लोहा संबंधित रोग हो सकते है. (यदि इसका सेवन ज़्यादा मात्रा में किया जाएं तभी)

यह एलर्जी का भी एक कारण बन सकता है. गर्भावस्था में इसका सेवन डॉक्टर से पूछ कर ही करना चाहिए. इसके अतिरिक्त शिलाजीत की सही खुराक के लिए भी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. बाजार में बिकने वाले नकली शिलाजीत से सावधान रहना चाहिए और केवल अच्छे ब्रांड का ही शिलाजीत कॅप्सुल, चूर्ण या सिरप का सेवन करना चाहिए.