भारत के इस राज्य की है एक अनोखी परंपरा, लड़कियों को पहली पीरियड आने पर यहां मनाया जाता है जश्न

लाइव सिटीज डेस्क : दुनिया में अलग-अलग रंग-जाति, धर्म और समुदाय के लोग रहते हैं. इन सभी लोगों की संस्कृति, मान्यताएं और परंपराएं भी अलग-अलग ही है. आज भी लोग ऐसी परंपराओं को निभाते आ रहे हैं, जिन पर यकीन कर पाना भी मुश्किल है. आज हम आपको महिलाओं से जुड़ी ऐसी ही एक अजीबोगरीब परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे.

पीरियड्स एक नेचुरल प्रोसेस है, जिससे हर स्त्री को माह में दो से सात दिन की अवधि तक गुजरना पड़ता है. मगर इस देश में किसी भी लड़की के पहले पीरियड्स पर जश्न मनाएं जाते है.

असम के बोगांइ जिले के सोलमारी गांव में पहले बार लड़की के पीरियड्य आने पर लोग नाचते गाते हैं. सालों से चलती आ रही इस प्रथा को लोग आज भी मानते है और उसे पूरे रीति-रिवाज के साथ निभाते भी है.

इतना ही नहीं पहले पीरियड्स आने पर जश्न मनाने के साथ-साथ उस लड़की की केले के पेड़ से शादी भी कर दी जाती है. इस परंपरा को यहां के लोग तोलिनी शादी भी कहते हैं. शादी करवाने के बाद उस लड़की को ऐसे कमरे में बंद कर दिया जाता है, जहां सूरज रोशनी भी नहीं पहुंच पाती.

परंपरा के अनुसार उस लड़की को शादी के बाद पका हुआ खाना नहीं बल्कि सिर्फ दूध और फल दिए जाते हैं. इस दौरान वो लड़की जमीन पर सोती है और वह किसी का चेहरा तक नहीं देख सकती है.

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