चीन में हैं एक रामदेव बाबा जो हैं योग के लीजेंड, चला रहे हैं 50 से ज्यादा योगी-योगा केंद्र

लाइव सिटीज डेस्क : आपने रामदेव बाबा को खूब देखा होगा लेकिन आज हम एक ऐसे रामदेव बाबा के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारत में नहीं बल्कि चीन में रहते हैं. उन्हें लोग चीन का रामदेव कहते हैं. उन्होंने चीन में योग को करोड़ों के बिजनेस में बदल दिया. इस देश में उनके कई योगा सेंटर हैं, जहां हजारों लोग रोज योगा सीखते हैं. चीन के इस रामदेव का असली नाम मनमोहन सिंह भंडारी है.

भंडारी वर्ष 2003 में चीन आए थे, जब उन्होंने चीन में योग सिखाना शुरू किया तो लोगों को इसकी ज्यादा जानकारी नहीं थी, बल्कि उन्हें ये भी लगता था कि योग की शुरुआत अमेरिका में हुई है, क्योंकि तब वहां जो भी लोग योग सिखा रहे थे, वो पश्चिमी देशों से आए एक्सपर्ट थे.

भंडारी चीन में गेमचेंजर साबित हुए

उनके चीन में आना योग के लिए गेमचेंजर साबित हुआ और उन्होंने तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा. अंतरराष्ट्रीय फैशन मैगजीन की चीन संस्करण की पूर्व संपादक यिन यान उनकी पत्नी हैं. दरअसल यिन ऋषिकेश स्थित योग गुरु आयंगर के आश्रम में योग सीखने आईं थी. तभी उन्हें भंडारी से प्यार हो गया. ऋषिकेश ने ना केवल उनके जीवन की आध्यात्मिक यात्रा को बदल दिया बल्कि जीवन को भी.

योगी योगा एकेडमी खोली

यिन जब भंडारी के साथ चीन लौटीं तो उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर देश के सबसे प्रसिद्ध योगी योगा एकेडमी की शुरुआत की, जिसे चीन में भारत-चीन सांस्कृतिक संयुक्त उपक्रम के रूप में भी देखा जाता है. आज से आठ साल पहले इस एकेडमी की कमाई चार मिलियन डॉलर थी. तब से लेकर अब तक चीन में न केवल इस एकेडमी में आने वाले ट्रेनीज की संख्या में बेतहाशा बढोतरी हुई है बल्कि कई शहरों में सेंटर भी और खुल चुके हैं. लिहाजा उनकी कमाई के भी कई गुना हो जाने की उम्मीद है.

चीन का खेल मंत्रालय देता है मान्यता

इस एकेडमी को चीन का खेल मंत्रालय मान्यता देता है. इसकी शाखाएं बीजिंग, शंघाई, गुआंगझाऊ और कई शहरों में हैं. वहां इसकी कई फ्रेंचाइजी यूनिट्स भी हैं. इस एकेडमी में मोहन भंडारी आध्यात्मिक प्रमुख हैं जबकि यिन उनके बिजनेस मामलों को देखती हैं. वर्ष 2011 तक चीन में भंडारी के 57 योग केंद्र थे.

सूर्य नमस्कार और अन्य योग सिखाते हैं

भंडारी बीजिंग में योगी योगा एकेडमी के मुख्य केंद्र पर रोज सूर्यनमस्कार के साथ तमाम आसन चीनियों को सिखाते हैं. गायत्री मंत्र के साथ केंद्र में ध्यान योग का सत्र भी चलता है. चार साल पहले जब संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया, तब से चीन में इसे सीखने वालों की संख्या जबरदस्त तरीके से बढ़ी है.

चीन में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है योग

भंडारी के केंद्र में योगा सीखने के लिए आने वालों में मीडियाकर्मी, लेखक, प्रोफेशनल और छात्र सभी हैं. ये चीन में पिछले कुछ सालों से काफी लोकप्रिय हुआ है. चीन में ज्यों ज्यों समाज की भौतिकता में बढोतरी हो रही है, जीवनशैली बदली है, तब से योग के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ा है. खासकर ये चीन के उच्च मध्य वर्ग और मध्य वर्ग में लोकप्रिय हो रहा है.

हजारों लोगों को कर चुके हैं ट्रेंड

इस एकेडमी ने अब तक हजारों योगा टीचर्स को भी ट्रेंड किया और साथ ही योग को लेकर कई किताबें प्रकाशित की हैं. भंडारी के योगी योग केंद्र में भारत से गए कई योगा टीचर काम कर रहे हैं. उनकी एकेडमी अपने ट्रेनीज को ऋषिकेश आने का प्रोग्राम भी आयोजित करती है.

चीन में लोकप्रिय हैं भंडारी

व्यावसायिक तौर पर योगी योग एकेडमी के खासा हिट हो जाने के बाद भी मोहन भंडारी अपना ध्यान योग गतिविधियों तक केंद्रीत रखते हैं. वो केंद्र पर आऩे वाले छात्रों को योग सिखाने के साथ उसके दूसरे पहलुओं से भी परिचित कराते हैं. चीन में युवा लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बढती जा रही है. वो वही योग और ध्यान चीन में सिखाते हैं जो उन्होंने विशुद्ध भारतीय पद्धति से ऋषिकेश में सीखा है.

आयंगर के शिष्य रहे हैं

कुछ साल पहले भारतीय योग लीजेंड बीकेएस आयंगर ने चीन में उनके केंद्र का दौरा किया. वो खुद भंडारी के योग केंद्रों में चीनियों की संख्या देखकर प्रभावित हुए. भंडारी खुद आयंगर के ही शिष्य रहे हैं. वो उत्तराखंड के रहने वाले हैं लेकिन अब लंबे समय से चीन में ही रह रहे हैं लेकिन वो कोशिश करते हैं कि साल में एक बार भारत जरूर आएं. 2017 में चीन योग इंडस्ट्री डेवलपमेंट रिपोर्ट के अनुसार चीन में 10,800 योगा स्कूल हैं, कुछ में हजारों छात्र हैं.

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