70 मल्टीनेशनल कंपनियों वाला, ये है दुनिया का सबसे अमीर गांव, इसकी खूबियां जान आप रह जाएंगे दंग

लाइव सिटीज डेस्क : गांव का नाम आते ही हमारे मन और मस्तिष्क में एक ही बात आती है और वो है खेत खलिहान, गाय-भैंस, और न जानें क्या-क्या… लेकिन यहां ऐसा नहीं है. दुनिया में कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां लोग बहुत हगी धनी हैं और उनके गांव में एक से एक मल्टीनेशनल कंपनियां मौजूद हैं. अब आपको ये मजाक लग रहा होगा, भला किसी गांव में भी कोई मल्टीनेशनल कंपनियां होती हैं क्या?

लेकिन यह सच है क्योंकि दुनिया का एक गांव ऐसा है जो सबसे अमीर है. यहां के हर इंसान के पास 67 लाख रूपए से ज्यादा रुपए जमा हैं. दरअसल, ये गांव चीन में जियांगसू प्रोविन्स में स्थित “वाक्शी” नाम का एक गांव है जहां का हर एक शख्स अमीर है.

गांव को चीन में “सुपर विलेज” और दुनिया का सबसे अमीर गांव कहा जाता है

इस गांव को चीन में “सुपर विलेज” और दुनिया का सबसे अमीर गांव कहा जाता है. यहां के सभी लोगों के पास अपना घर, कार और भारी कैश है. शंघाई से 135 किमी दूर इस गांव में आज काफी मल्टीनेशनल कंपनियां हैं और यहां बड़े पैमाने पर खेती भी होती है.

साल 2014 में यहां के हर व्यक्ति की सालाना आय 88 लाख रूपए

साल 2014 में यहां के हर व्यक्ति की सालाना आय 88 लाख रूपए थी. ऐसा नहीं है कि यह शुरुआत से अमीर था. 1961 में यह गांव बहुत ही गरीब था. इस गांव में 1990 के दशक में एक कंपनी लिस्टेड हुई जिसमें गांव का हर व्यक्ति शेयर होल्डर बन गया.

गांव में अब 70 से ज्यादा फैक्ट्री और हर व्यक्ति के पास 67 लाख रूपए 

इस समय गांव में अब 70 से ज्यादा फैक्ट्री और हर व्यक्ति के पास 67 लाख रूपए से ज्यादा जमा हैं. लोहा, सिल्क, चिप मेकिंग और टूरिज्म से 2012 में 64 हजार करोड़ की आमदनी हुई. गांव में ज्यादातर घर एक जैसे हैं और सभी में दस-दस कमरे हैं. करीब से देखने पर हर घर होटल जैसे लगते हैं.

गांव के लोगों की 80 फीसदी आय टैक्स में जाती है, जिसके बदले में सरकार उन्हें कई सुविधाएं मुफ्त देती है जैसे- लग्जरी विला, कार, हैल्थ केयर, सैर करने के लिए हेलिकॉप्टर लग्जरी होटलों में डिनर जैसी फैसिलिटीज.

इस गांव में 20 हजार से ज्यादा मजदूर काम कर रहे हैं. 2013 में दुनिया छोड़ गए रेनबाओ कहते थे- सही समजावाद वह है, जिसमें 100 में से 98 लोग खुश रहें.

इस गांव में 50 साल से ज्यादा उम्र की महिला और 55 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों को हर महीने पेंशन दी जाती है. यहां बंगला, कार से लेकर सभी सुविधाए मुफ्त हैं. होटल से कम नहीं दिखते यहां बने मकान, यहां पर सभी के मकान में 10-10 कमरें हैं.

गांव में बना है एयरपोर्ट. गांव के लोग हेलीकॉप्टर पर सवार होते हैं. हुआझी गांव के लोगों को मिले हैं मकान.

About Ritesh Kumar 2011 Articles
Only I can change my life. No one can do it for me.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*