इन देशों में रेपिस्ट्स को बना दिया जाता हैं नपुंसक और दी जाती है गोलियों से भूनकर मौत की सजा

लाइव सिटीज डेस्क : कठुआ कांड की गूंज संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच चुकी है. यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे बेहद भयावह मामला बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोषियों को वाजिब सजा मिलेगी. रेप को लेकर भारत ही नहीं दुनियाभर में कानून सख्त हुए हैं. इंडोनेशिया में दो साल पहले ही कानून पास किया गया था, जिसके तहत रेप के आरोपी को नपुंसक बनाने का प्रावधान है. यहां हम अलग-अलग देशों में रेप के आरोपियों की दी जाने वाली ऐसी ही सजाओं की बारे में बता रहे हैं.

यहां रेपिस्ट के लिए नपुंसक बनाने से लेकर मौत तक की सजा

इंडोनेशिया में 2016 में हुई की भयानक घटना के बाद सख्त कानून पास किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए कानून के तहत दोषियों में महिलाओं के हार्मोंस डालकर उन्हें नपुंसक बनाया जाएगा. वहीं, कम से कम सजा 10 साल की होगी. इसके दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और सजा पूरी कर निकलने के बाद उनकी एक्टिविटीज पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक चिप भी लगाई जाएगी। गंभीर मामलों में मौत की सजा का भी प्रावधान है.

बाकी देशों में क्या है रेपिस्ट के लिए सज
1. नॉर्थ कोरिया

मौत की सजा – नॉर्थ कोरिया में रेप के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. यहां फायरिंग स्क्वॉयड दोषी को गोली मारकर सजा देती है. हालांकि, मौत की सजा के ये नियम-कानून व्यक्ति-विशेष के हिसाब से लागू किए जाते हैं. इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर ह्यूमन राइट्स के एशिया डेस्क के डायरेक्टर माइकल किसेनकोएटर के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया का ज्यूडिशियल सिस्टम बिल्कुल भी पारदर्शी नहीं है. यहां मामलों के सुनवाई भी निष्पक्ष तरीकों से नहीं होती.

2. ईरान

फांसी देकर और गोलियों से भूनकर मौत की सजा – इस्लामिक पीनल कोड के आर्टिकल 224 के तहत रेप के मामले में मौत की सजा है. स्टेट गवर्नमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 2011 में 13 फीसदी और 2012 में 8 फीसदी मौत की सजा रेप के मामले में दी गई. इन्हें पब्लिक के बीच में फांसी दी जाती है या फिर गोलियों से भून दिया जाता है. विक्टिम की ओर से माफी मिलने के बाद भी रेपिस्ट को 100 कोड़े मारे जाते हैं और उम्रकैद की सजा काटनी होती है.

3. सऊदी अरब

कोड़े मारने से लेकर मौत तक की सजा – देश में लागू शरिया कानून के तहत रेप जैसे अपराध के लिए कोड़े मारने से लेकर मौत तक की सजा है. हालांकि, सभी मामलों में इनका लागू हो पाना मुमकिन नहीं होता. ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, सऊदी अरब में रेप विक्टिम का अपराध के बारे में मुंह खोलना भी गुनाह है. इसके लिए उसे खुद भी सजा मिल सकती है. वॉच के मुताबिक, एक मामले में कोर्ट ने विक्टिम के वकील का प्रोफेशनल लाइसेंस तक जब्त कर लिया था. दरअसल, यहां महिला को विटनेस के तौर पर नहीं माना जाता है. रेप साबित करने के लिए भी उसे चार चश्मदीदों की गवाही की जरूरत होती है. साबित न कर पाने पर इसे अवैध संबंधों का मामला माना जाता है. सऊदी गजेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में गैंगरेप की शिकार एक लड़की को अवैध संबंधों की दोषी बताकर एक साल जेल और 100 कोड़े की सजा सुनाई गई थी.

4. पाकिस्तान

25 साल जेल से लेकर मौत तक की सजा – पाकिस्तान में पिछले ही साल एंटी रेप बिल पास किया गया है. इसके तहत रेप के दोषी को 25 साल की कैद होगी. वहीं, बच्चों (माइनर्स) और फिजिकली डिसेबल्ड (मानसिक विक्षिप्त) से रेप के मामले में मौत की सजा का प्रावधान है. इसी साल जनवरी में यहां 7 साल की बच्ची से हुए रेप के मामले में लाहौर हाईकोर्ट ने एक नहीं 4 बार मौत की सजा सुनाई थी. इस मामले की फआइल 34 दिन के अंदर ही क्लोज कर दी गई थी.

5. अफगानिस्तान

मौत की सजा – अफगानिस्तान शरिया कानून के तहत सजाएं तीन हिस्सों में बंटी हैं, जिसमें से एक तजीर है. इसका मतलब ऐसे अपराधों से है, जिसके लिए कुरान में कोई तय सजा नहीं है. ऐसे में यहां रेप का अपराध ‘तजीर’ के तहत आता है, जिसमें दोषी के लिए आजीवन कैद से लेकर मौत तक की सजा है. हालांकि, इस्लामिक कानून में इसे साबित कर पाना इतना मुश्किल है कि कम ही लोग सजा का सामना करते हैं.

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