नए साल में, 1 जनवरी से… मोदी सरकार भारतवासियों को दे रही है ये 3 उपहार, आप भी उठाएं फायदा

लाइव सिटीज डेस्क : साल 2017 खत्म होने के कगार पर आ गया है और साल 2018 दस्तक देने को तैयार हैं. लोग कई तरह के प्लान कर रहे हैं, कहीं घूमने का तो कहीं हंसी ठीठोली करने का…लेकिन इस बीच सरकार क्या कर रही है ये आपको पता है भी या नहीं? अगर नहीं पता तो जान लें क्योंकि सरकार भी आपको नए साल में 1 जनवरी से उपहार देने का मन बना लिया है.

जी हां सरकार भी अब आपके लिए सोचती है कि आपका नया साल वाकई बहुत ही खुशनुमा बने. सरकार की ओर से नए साल के कुछ तोहफे मिलने जा रहे हैं. दरअसल सरकार ने देश में 1 जनवरी 2018 से कुछ नए नियम लागू करने का फैसला किया है, जिससे आपको फायदा पहुंचने वाला है. नए साल पर सरकार के ये तोहफे आपकी जिंदगी को और आसान बनाने वाले हैं. आइए जानते हैं कि नए साल की शुरुआत पर सरकार आपको क्‍या नए तोहफे देने जा रही है और इनसे आपको कैसे फायदा होगा-

1. घर बैठे मोबाइल सिम की आधार से लिंकिंग

1 जनवरी, 2018 से आपको घर बैठे अपनी मोबाइल सिम आधार से लिंक कराने की सुविधा मिलने वाली है. वैसे तो यह सुविधा 1 दिसंबर से शुरू होने वाली थी लेकिन टेलीकॉम कंपनियों की तैयारी पूरी न होने के चलते इसे 1 महीना आगे बढ़ा दिया गया. अब आप 1 जनवरी से ओटीपी व अन्‍य जरिए से सिम को घर बैठे आधार से लिंक कर सकेंगे.

2. डेबिट कार्ड से भुगतान होगा आसान

1 जनवरी, 2018 से डेबिट कार्ड से भुगतान सस्‍ता होने वाला है क्‍योंकि नए साल पर RBI द्वारा जारी नए MDR चार्ज लागू होंगे. MDR यानी मर्चेंन्‍ट डिस्‍काउंट रेट वह चार्ज है जो डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर दुकानदार पर लगता है. इसे ग्राहक को नहीं देना होता है लेकिन कई दुकानदार डेबिट कार्ड ट्रांजैक्‍शन करने वालों से 2 फीसदी चार्ज लेते हैं. RBI के नए नियम के मुताबिक अब 20 लाख रुपए तक सालाना टर्नओवर वालों के लिए MDR 0.40 फीसदी तय किया गया है, वहीं इससे ज्‍यादा टर्नओवर वालों के लिए 0.9 फीसदी है. 20 लाख तक टर्नओवार वालों के लिए प्रति ट्रांजैक्‍शन MDR 200 रुपए से ज्‍यादा नहीं होगा वहीं 20 लाख से अधिक टर्नओवर वालों के लिए MDR प्रति ट्रांजैक्‍शन 1,000 रुपए से ज्‍यादा नहीं होगा. वहीं सरकार ने 2000 रुपए तक की खरीदारी पर MDR खुद ही वहन करने का फैसला भी किया है.

3. गोल्‍ड ज्‍वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य

सरकार 1 जनवरी 2018 से 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट ज्वैलरी की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर सकती है. इससे ग्राहकों को गोल्‍ड ज्‍वैलरी की शुद्धता को लेकर आसानी होगी। दरअसल वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) चरणबद्ध तरीके से हॉलमार्किंग लागू कराना और अनिवार्य बनाना चाहती है. इसके लिए उसने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) को सिफारिशें भी भेजी हैं. हॉलमार्किंग को तीन चरणों में अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें 22 शहरों में पहले हॉलमार्किंग अनिवार्य की जाएगी. इन शहरों में मुंबई, नई दिल्‍ली, नागपुर, पटना जैसे शहर शामिल हैं. दूसरे चरण में 700 शहर और आखिर में देश के बाकी शहरों में इसे लागू किया जाएगा.

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