CAG का एक और बड़ा खुलासा, आर्मी सेना के पास 10 दिन के लिए भी गोला-बारूद नहीं

लाइव सिटीज डेस्क : रेलवे के भोजन की क्वालिटी पर सवाल उठाने के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट से एक और बड़ा खुलासा हुआ है. CAG ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंडियन आर्मी के पास जंग लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी नहीं है. ये लगातार 10 दिन भी नहीं चलेंगे.

हालांकि यह भी बताया गया है कि इसका यह मतलब नहीं है कि सेना, नौसेना और वायुसेना मौजूदा समय में जरूरत पड़ने पर किसी दुश्मन से प्रभावी तरीके से लड़ नहीं सकती है. भारतीय सेना पाकिस्तान के साथ 778 किलोमीटर लंबे लाइन ऑफ कंट्रोल और चीन के साथ 4 हजार 57 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर हर वक्त पूरी तैयारी के साथ तैनात रहेगी.

उधर CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सघन टकराव की स्थिति पैदा हो जाए तो भारतीय सेना के पास 10 दिन के लिए भी गोला-बारूद नहीं है. 10 दिन से कम अवधि के लिए गोला-बारूद की उपलब्धता की स्थिति बेहद चिंताजनक है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2013 में जहां 10 दिनों की अवधि के लिए 170 के मुकाबले 85 गोला-बारूद ही (50 परसेेंट) उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में अब भी यह 152 की तुलना में 61 (40 परसेंट) ही उपलब्ध हैं.

दरअसल पार्लियामेंट में कल CAG की रिपोर्ट सौंपी गयी थी, उसी में यह बात कही गयी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सैन्य मुख्यालय ने 2009-13 के बीच खरीदारी के जिन मामलों को शुरू किया गया था, उनमें अधिकतर जनवरी 2017 तक लंबित थे. रिपोर्ट में ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड के कामकाज की भी तीखी आलोचना की गयी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1999 में सेना ने तय किया कि मिनिमम 20 दिनों की अवधि के लिए गोला-बारूद रिजर्व रहना ही चाहिए. सितंबर 2016 में पाया गया कि सिर्फ 20 परसेंट गोला-बारूद ही 40 दिनों के मानक पर खरे उतरे. 55 परसेंट गोला-बारूद 20 दिनों के मिनिमम लेवल से भी कम थे. हालांकि इसकी स्थिति पहले से बेहतर हुई है. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार सेना को युद्ध के लिए पूरी तरह सक्षम होने में अभी भी 2 साल लगेंगे.

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