खगड़िया में विस्थापितों ने किया अंचल कार्यालय का घेराव

खगड़िया: बासगीत पर्चा निर्गत करने की मांग को लेकर अंबा बांध रसोंक पर वर्षों से जीवन यापन कर रहे दर्जनों विस्थापित परिवार के लोगों के द्वारा गुरूवार को सदर अंचल कार्यालय का घेराव किया गया. मौके पर विस्थापितों ने बताया कि लगभग 134 परिवार वर्ष 1987 से ही बांध पर रहने को मजबूर हैं. हर साल अधिकारी आते हैं और देख कर चले जाते हैं. लेकिन किसी के द्वारा भी अभी तक कोई ठोस व सार्थक कदम नहीं उठाया गया है. हर जगह सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ाने का ही काम किया जा रहा है.

बताया गया कि इस संदर्भ में सार्थक पहल की मांग को लेकर जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी व अंचल अधिकारी से गुहार तक लगायी जा चुकी है. लेकिन अभी तक कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आने के बाद थक-हार कर आंदोलन का रूख अख्तियार किया गया है. साथ ही आंदोलनकारियों ने कहा कि हमलोगों को वर्ष 1987 से ही सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है. इधर 5 वर्षों से बिहार सरकार की गैरमजरूआ खास जमीन पर मृत मालती नदी से मिट्टी भराई किये जाने की बातें कहते हुए विस्थापितों ने बताया कि वर्षा अधिक होने के कारण भराई गई मिट्टी पुनः गड्ढे में समा जाती है.

बावजूद इसके मालती नदी के किनारे रह रहे लोगों द्वारा प्रयास किया जा रहा है. वहीं कहा गया कि कोई कागजात नहीं रहने के कारण मिट्टी भराई कार्य में भी विस्थापितों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही वाटर वेज बांध पर रहने के कारण इन परिवारों के बच्चे को शिक्षा व लोगों को चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रह जाने की बात बताई गई.

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मौके पर विस्थापित लोगों ने कहा कि यदि उन्हें वासगीत का पर्चा उपलब्ध हो जाता है तो यहां के लोगों की भी जीवन और दिनचर्या बदल सकती है और सभी समाज के मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं. आंदोलनकारियों में उचित चौधरी, महेश चौधरी, साहब चौधरी, गोपाल चौधरी, दुखों चौधरी, सागर चौधरी, धीरज चौधरी, पंच लाल चौधरी, रामपुकार चौधरी, उचित चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, दुखी चौधरी, तारणी चौधरी आदि के नाम प्रमुख हैं. मौके पर अनिल साह, डॉ. आलम राही सहित युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह भी उपस्थित थे.

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