तीन तलाक पर AIMPLB के बदले सुर, कहा- तीन तलाक के खिलाफ करेंगे जागरूक

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लाइव सिटीज डेस्क : ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक नया हलफनामा दायर किया है. बोर्ड ने कहा है कि वह अपनी वेबसाइट, विभिन्न प्रकाशनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को अडवाइजरी जारी करेगा और तीन तलाक के खिलाफ जागरूक करेगा.


बोर्ड ने सोमवार को कोर्ट में 13 पेज का हलफनामा दायर किया. बोर्ड ने बताया कि तीन तलाक की प्रथा को रोकने की कोशिश की जाएगी. बोर्ड के विचारों के प्रसार के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक का इस्तेमाल किया जाएगा. बोर्ड के मुताबिक, निकाह करवाने वाला शख्स सुझाव देगा कि किसी तरह के मतभेद की स्थिति में एक बार में तीन तलाक देने से बचा जाए क्योंकि शरीयत में यह प्रथा नापसंदीदा है. निकाह कराने वाला शख्स ‘निकाहनामे’ में यह शर्त डालने का सुझाव देगा कि पति एक बार में तीन तलाक नहीं देगा.

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बोर्ड ने कोर्ट से कहा है कि काजियों को इस संबंध में एडवायजरी जारी की जाएगी कि वह निकाह के वक्त दुल्हों को तीन तलाक का रास्ता नहीं अपनाने की सलाह दें. हलफनामे में इस बात का भी जिक्र है निकाहनामे में लड़की के कहने पर ये शर्त शामिल करवाने का ऑप्शन हो कि उसको तीन तलाक नहीं दिया जा सकता.

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गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले को 30 मार्च 2017 को संविधान पीठ के सुपुर्द कर दिया था. उन्होंने पहले मुद्दे तय करने और उसके बाद रोजाना के आधार पर सुनवाई को कहा था. कोर्ट ने इस मामले का नाम ‘इन रि : मुस्लिम वीमेंस क्वेस्ट फॉर इक्वेलिटी’ (मुस्लिम औरतों की बराबरी के लिए चाह) रखा है.

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