लोकसभा चुनाव : गोड्डा सीट को लेकर कांग्रेस और झाविमो में खींचतान

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव के तारीखों का एलान के बाद पूरे देश में हलचल तेज हो गई है. अभी झारखंड महागठबंधन से एक बड़ी खबर आ रही है. गोड्डा लोकसभा सीट विपक्षी दलों का अखाड़ा बन गई है.

महागठबंधन के दो प्रमुख दलों झाविमो और कांग्रेस के बीच इस सीट पर भारी खींचतान जारी है. जहां एक ओर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी अपने पिता फुरकान अंसारी को टिकट दिलाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर गोड्डा में पिछले पांच वर्षों तक संघर्ष के आधार पर तैयार की गई अपनी जमीन को झारखंड विकास मोर्चा खोना नहीं चाहता. झाविमो से संभावित दावेदार प्रदीप यादव भी किसी तरह इस सीट पर अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं हैं तो वहीं उनकी पार्टी भी उनके समर्थन में है.

झारखंड में गोड्डा लोकसभा सीट को लेकर घमासान तेज है. झारखंड में महागठबंधन बनाकर भाजपा को परास्त करने का लक्ष्य सभी विपक्षी दलों का हो पर कुर्बानी देने को कोई तैयार नहीं. पिछले लोकसभा चुनाव में तीन लाख से ज्यादा वोट लाने और अल्पसंख्यक उम्मीदार के तर्क के साथ कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी अपने पिता को इस सीट का सबसे मजबूत और जीतने वाला दावेदार बता रहे हैं.

विधानसभा के बजट सत्र से लेकर अब तक न जाने कितने बयान इरफान अंसारी ने महागठबंधन, गोड्डा सीट को लेकर व झाविमो नेताओं के खिलाफ दिए हैं पर उनको वाणी पर संयम रखने की सलाह देने की हिम्मत भी झारखंड कांग्रेस नहीं जुटा पाया है. गोड्डा सीट को लेकर झारखंड विकास मोर्चा अपने रुख से एक इंच भी पीछे हटने को तैयार नहीं है तो इरफान अंसारी भी पूरी तरह बगावती मूड में है.

झाविमो भूमि अधिग्रहण के विरोध में चलाए आंदोलन की सफलता के परिणाम स्वरूप पुरस्कार स्वरूप जीतना चाहता है. झाविमो नेता अब गोड्डा सीट के विवाद का हल गोड्डा की जनता की पसंद और सर्वे कराकर फाइनल करने की कह रहे हैं. यहां जमीन के लिए हुए आंदोलन में झाविमो के प्रदीप यादव कई महीने जेल में रह चुके हैं. झाविमो को विश्वास है कि उनकी पार्टी के पक्ष में ही अधिकांस जनता रहेगी.

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