गुजरात में अब राहुल गांधी को कोई नहीं कहेगा ‘पप्पू’, चुनाव आयोग ने लगाई रोक

लाइव सिटीज डेस्क : जब भी पप्पू शब्द से संबोधन होता है तो सबसे पहला जिनका चेहरा सामने आता है वह है कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का. खास कर भाजपा वाले इस नाम का खूब इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब चुनाव आयोग सख्त हो गया है. आयोग ने चुनाव प्रचार में पप्पू शब्द के इस्तेमाल को ही बैन कर दिया है.

बता दें कि चुनाव आयोग ने बीजेपी को भेजे एक पत्र में  चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े टीवी विज्ञापन, होर्डिंग, पोस्टर और बैनर इत्यादि में “पप्पू” नाम के व्यक्ति का जिक्र पर आपत्ति जतायी. इस बाबत लिखे गये पत्रों में चुनाव आयोग ने बीजेपी से अपने प्रचार सामग्री से पप्पू नाम हटाने के लिए कहा है.
गुजरात चुनाव आयोग के अनुसार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष से निशाना साधना मर्यादा के खिलाफ है. आयोग ने इसे आपत्तिजनक माना है. चुनाव आयोग ने बीजेपी की प्रचार सामग्री के परीक्षण के बाद कहा कि उसमें एक खास व्यक्तित्व की तरफ इशारा करते हुए “पप्पू” शब्द का अपमानजनक इस्तेमाल किया गया है.
आयोग के इस कदम की पुष्टि करते हुए भाजपा सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि प्रचार सामग्री में किसी शब्द का किसी व्यक्ति से संबंध नहीं है. गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पिछले महीने पार्टी द्वारा सौंपी गई प्रचार सामग्री में इस शब्द पर आपत्ति जताई है.

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘चुनाव से संबंधित कोई भी प्रचार सामग्री तैयार करने से पहले इसे समिति को सौंपना होता है। समिति उसका प्रमाणपत्र देती है. हालांकि समिति ने पप्पू शब्द पर आपत्ति जताई है क्योंकि इसे अपमानजनक माना है। समिति ने हमसे इसे हटाने या उसकी जगह दूसरे शब्द का इस्तेमाल करने के लिए कहा है.’ उन्होंने कहा कि पार्टी इस शब्द को हटाकर दूसरी स्क्रिप्ट चुनाव आयोग को सौंपेगी। पप्पू शब्द का किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा नहीं होने का पक्ष रखते हुए फैसले पर विचार करने के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने इसे नामंजूर कर दिया.

बता दें कि गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को मतदान होना है. नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे. राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है.

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