VIRAL : जनकपुर में PM मोदी माता सीता का नाम भी सही नहीं लिख सके

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार से दो दिन के नेपाल दौरे पर हैं. वे आज बिहार की सीमा से सटे नेपाल के जनकपुर में थे. जहां उन्होंने प्रसिद्ध जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की. अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिर के विजिटर बुक में अपना संदेश भी लिखा. हालांकि इसी संदेश में बस एक शब्द को लेकर अब वे विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने जानकी मंदिर के विजिटर बुक में लिखा ‘जनकपुर धाम की यात्रा करने की मेरी बहुत पुरानी इच्छा आज पूरी हुई. भारत और नेपाल के लोगों के दिलों में विशेष महत्त्व रखने वाले इस तीर्थस्थल की यात्रा करना मेरे लिए एक यादगार अनुभव है.’ इसके बाद उन्होंने भारत के लोगों की ओर से नेपाल को शुभकामनाएं दी. आखिर में उन्होंने लिखा – जय सीया राम.

इस ‘जय सीया राम’ के ‘सीया’ शब्द पर ही अब विवाद हो गया है. बहुत लोगों ने इसे हिंदी व्याकरण की अशुद्धि बताया है. इस बात को लेकर वे विपक्षी दलों के निशाने पर भी आ गए हैं. कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पीएम जो सीता के नाम की दुहाई देते हैं वो ‘सिया’ नाम भी ठीक से नहीं लिख सकते?

सोशल नेटवर्क ट्विटर पर इस तस्वीर को भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी शेयर किया है. पात्रा ने अपने ट्वीट में इस तस्वीर के कैप्शन के तौर पर ‘जय सीया राम’ लिखा है. उनके पोस्ट पर भी कई यूजर्स ने कमेंट में इस शब्द की ओर इशारा किया है. हालांकि कई लोगों का यह भी कहना है कि ‘सिया’ और ‘सीया’ दोनों ही शब्द लिखे जा सकते हैं. दोनों ही सही हैं.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल के जनकपुर में 20वीं सदी के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की है. पीएम मोदी ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यह पूजा की. जानकी मंदिर में षोडशोपचार पूजा केवल विशेष अतिथि ही करते हैं. इसमें तांत्रिक मंत्रोच्चार समेत 16 विधि-विधान से पूजा की जाती है.

बता दें कि जानकी मंदिर भगवान राम की पत्नी सीता का जन्म स्थान माना जाता है. सीता की याद में यह मंदिर 1910 में बनाया गया था. तीन तल वाला यह मंदिर पूरी तरह पत्थर और संगमरमर का बना हुआ है और यह मंदिर 4860 से अधिक वर्ग फुट में फैला हुआ है.

प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल की यह तीसरी यात्रा है. प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के नेतृत्व में इस वर्ष नई सरकार के गठन के बाद भारत की ओर से किया जाने वाला यह पहला उच्च स्तरीय दौरा है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*