शर्मनाक! कठुआ गैंगरेप विक्टिम Asifa का नाम Porn वेबसाइट पर कर रहा है ट्रेंड, और कितना गिरोगे?

लाइव सिटीज डेस्क : कहते हैं किसी भी देश का समाज ही उसकी पहचान होती है. हमारे देश में जो कुछ भी होता है उससे लोग देश के बारे में आसानी से जान जाते हैं. देश की कमियां, खूबियां, उसके ताने-बाने को रिफलेक्ट करता है समाज. इसका जीता जागता उदाहरण है उन्नाव और कठुआ रेप केस. यहां इंसानियत हार गई और एक बार फिर जाति और धर्म ने बाजी मार ली है.

उन्नाव और कठुआ रेप केस ने पूरे देश की Collective Consciousness पर सवाल उठाया था. ये केस न ही मेनस्ट्रीम मीडिया में रिपोर्ट किये गए और न ही सरकार की तरफ से तुरंत कार्यवाई की गयी. ये शायद पहले ऐसे Rape Cases थे, जिनमें रेप के आरोपियों के समर्थन में नारे उठे. यहां ये साबित हो गया कि हम एक अच्छे समाज को बनाने में फेल हो गए. हालांकि इसे लेकर एक जनाक्रोश भी देखने को मिला और इन दोनों Cases की कार्यवाही आगे बढ़ी और एक उम्मीद जगी कि शायद लॉ एंड ऑर्डर अभी भी ख़त्म नहीं हुआ.

बेहद ही शर्मनाक

लेकिन इस बीच एक और बात सामने आई है जो इंसानियत को शर्मशार कर रही है. दरअसल, XVideos जैसे Porn वेबसाइट पर रेप विक्टिम का नाम ट्रेंड हो रहा है. जो बेहद ही शर्मनाक है. कठुआ रेप केस की 8 साल की बच्ची, जिसके आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए पूरा देश एक साथ आ गया, उस बच्ची का नाम X Videos पर ट्रेंड कर रहा था.

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला हर इंसान इस शब्द से वाकिफ होगा. एडल्ट वीडियो Platform पर किसी का नाम ट्रेंड करना यानि लोग आसिफा के रेप की वीडियो एक Porn Website पर ढूंढ रहे थे. ऐसा करने वाला एक इंसान होता, तो हम शायद खुद को माफ कर देते, लेकिन TREND करने का अर्थ है कि हजारों में लोग उसकी वीडियो ढूंढ रहे थे.

बेहद ही नीच और घटिया मानसिकता के लोग होते हैं जो इस तरह की वीडियो को Youtube और किसी वीडियो Platform पर डालने का काम करते हैं. ऐसे लोगों के लिए Porn और Rape में कोई फर्क नहीं होता. लोग रेप वीडियोज मजे लेकर देखते हैं.

अफसोस होता है कि इन लोगों की ये दुनिया हमारी सच्चाई बनती जा रही है. हम एक अच्छे भारत की बातें आज से 1000 साल बाद कर सकते हैं. शायद तब तक इस देश में लड़कियां नहीं बचेंगी. तब तक या तो वो कोख में मारी जा चुकी होंगी या फिर पैदा होने के बाद Rape कर मार दी गयी होंगी. तब शायद ये समाज बेहतर बन जाएगा.

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मिलो कभी शाम की चाय पे...फिर कोई किस्से बुनेंगे... तुम खामोशी से कहना, हम चुपके से सुनेंगे...☕️

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