1000 करोड़ रु. का है दुनिया का सबसे बड़ा तैरता सोलर पावर प्लांट, 160 फुटबॉल मैदान के है बराबर

लाइव सिटीज डेस्क : चीन एक से बढ़कर एक आविष्कार करता रहता है और टेक्नॉलजी के मामले में ये कहीं ज्यादा आगे बढ़ गया है. इस बात को नकारा भी नहीं जा सकता है. लोग इसे देख अपने देश में भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं. आज हम आपको चीन में बने दुनिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बिजली पैदा करना शुरू कर दिया है.



पूर्वी चीन के अनहुई प्रांत में ये फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट बनाया गया है. हुएनन तालाब पर 1 हजार करोड़ रु. के खर्च से बने इस प्लांट को रविवार को ग्रिड से जोड़ दिया गया. इसमें 1.20 लाख पैनल लगे हैं. य पूह मई मेंरी तरह काम करने लगेगा. तब इससे 15 हजार घरों की बिजली की जरूरतें पूरी होंगी.

ये रहे इसके फायदे 

ये प्लांट चीन के थ्री गोर्जेस ग्रुप ने बनाया है. पूरी तरह शुरू होने पर 53 हजार टन कोयले का इस्तेमाल और 1,99,500 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन कम किया जा सकेगा. चीन के नेचुरल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल के यांग फुकियांग के मुताबिक फ्लोटिंग प्लांट वाष्पीकरण को रोकते हैं. साथ ही जनरेटर की काम करने की क्षमता सुधारते हैं. पारंपरिक सोलर प्लांट की तरह जमीन भी जरूरी नहीं होती.

1.20 लाख सोलर पैनल लगे हैं

इस प्लांट में 1.20 लाख सोलर पैनल लगे हैं. इसका एरिया 160 फुटबाल मैदान के बराबर है. इस समय चीन की 72% ऊर्जा की जरूरतें कोयले से पूरी होती हैं. इससे 53 हजार टन कोयलने का इस्तेमाल रोका जा सकेगा. चीन में 5.72 लाख करोड़ रुपए क्लीन एनर्जी पर खर्च कर चुका है. सालभर में 7.742 करोड़ यूनिट बिजली के लिए प्लांट लगाए गए हैं.