PMCH और SKMCH के निरीक्षण के बाद AAP ने बिहार सरकार से की 6 मांग

लाइव सिटीज, पटना : आम आदमी पार्टी, बिहार के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने 10 जुलाई को बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच का निरीक्षण किया था. आज उन्होंने मुजफ्फरपुर के SKMCH का भी निरीक्षण किया. इसके बाद डॉ पंकज ने कहा कि बिहार का स्वास्थ्य महकमा खुद ही आईसीयू में है, जिसे इलाज की जरूरत है. पीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज की स्थिति बद से बदतर है. उन्होंने कहा कि ‘आप’ चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉक्टरों की टीम जल्द ही निरीक्षण प्रतिवेदन को सुझाव के साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को सौपेगी.

पीएमसीएच के निरीक्षण के बाद डॉ पंकज गुप्ता ने कहा कि बिहार के सबसे बड़े अस्पताल की स्थिति बहुत ही दयनीय है. प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल होने के नाते राज्य के सभी जिले से मरीजों को यहां रेफर किया जाता है. इस उम्मीद में कि बेहतर इलाज हो सके. पर आलम यह है कि जो पीएमसीएच कभी देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में शुमार था, आज चिकित्सक और अन्य सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रही है. इस टीम में डॉ. गुप्ता के अलावा डॉ सुरेंद्र, डॉ मिथिलेश, प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू, राकेश कुमार, उमा दफ़्तुआर एवं बबलू कुमार प्रकाश भी शामिल थे.

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डॉ. गुप्ता ने सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पीएमसीएच के अलग-अलग विभागों में सीनियर रेजिडेंट के 242 पद स्वीकृत हैं, जिसमें मात्र 120 सीनियर रेजिडेंट कार्यरत हैं. यानी 50 फ़ीसदी पद रिक्त है. निरीक्षण के क्रम में डॉक्टर गुप्ता एवं टीम ने पाया कि टीवी विभाग में मात्र एक डॉक्टर तो न्यूरोलॉजी विभाग में एक भी डॉक्टर नहीं है. नेत्र विभाग में 12 में से 6 और रेडियोलोजी विभाग में 14 स्वीकृत पद में से मात्र 2 डॉक्टर पदस्थापित है.

इसके अलावा शिशु विभाग में 14 में से मात्र 11 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें 5 को एसकेएमसीएच एवं अन्य जिलों में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है. प्रसूति विभाग में 16 डॉक्टर हैं जबकि 4 महिला डॉक्टर ने ज्वाइन नही किया है.

डॉ गुप्ता ने कहा कि उनकी टीम ने निरीक्षण के क्रम में चिकित्सकों के साथ ही मेडिसिन, ग्लव्स, सर्जिकल आइटम की भारी कमी देखी गई. बेडशीट गंदा, गद्दा फटा हुआ, पंखा, एसी खराब, मेंटिनेस की भारी कमी देखी गई. स्वच्छ भारत अभियान पीएमसीएच में दम तोड़ता नजर आया. बाथरूम की साफ सफाई बिल्कुल ही नहीं दिखी.

इस क्रम में प्रसूति विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की कमी है. लिफ्ट की अत्यधिक आवश्यकता है. महिला सुरक्षा कर्मी तैनात नही है. अक्सर प्रसूति विभाग में असमाजिक तत्व उत्पात मचाया करते है.

आम आदमी पार्टी ने अब पीएमसीएच को बेहतर बनाने हेतु बिहार सरकार से निम्नलिखित मांगे की है :

1) पीएमसीएच में डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट एवं पीजी डॉक्टर की हर विभाग में स्वीकृत रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए. ठेका पर बहाल चिकित्सकों की सेवा नियमित की जाए. ठेका पर चिकित्सकों की बहाली बंद की जाए.

2) दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिहार में पीजी डॉक्टर का स्टाइपेंड बहुत कम है. राज्य सरकार द्वारा पीजी डॉक्टर का स्टाइपेंड एक लाख प्रति माह की जाए.

3) बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल होने के बावजूद पीएमसीएच के अंदर लिविंग रूम, क्वार्टर, हॉस्टल की स्थिति बहुत ही दयनीय है. इस हालात में डॉक्टर, कर्मियों से बेहतर सेवा की उम्मीद करना बेईमानी होगी. इसमें जल्द से जल्द सुधार किया जाए.

4) आए दिन बिहार में रेप की घटना लगातार बढ़ता जा रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल के अंदर मेडिको लीगल सेल की स्थापना की जाए. जिसमें सीडीएमओ/एफएमटी/चिकित्सक/गायनी/बीट पुलिस/फॉरेंसिक टीम को शामिल किया जाए.

5)पीएमसीएच के ऊपर अत्यधिक बोझ को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. गायनी एवं शिशु विभाग में आईसीयू यूनिट बढ़ाने की जरूरत है.

6)बीएमएसआईसीएल की एक शाखा पीएमसीएच परिसर में स्थापित किया जाए ताकि बिजली-बिल्डिंग अन्य कार्य सुचारू रूप से निष्पादित हो सके.

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