AAP बिहार के दलित-युवा प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा, जिला कमिटियों का गठन 15 नवम्बर तक

लाइव सिटीज, पटना : आम आदमी पार्टी, बिहार इकाई ने बुधवार को दलित एवं युवा प्रकोष्ठ के राज्य कार्यकारिणी की घोषणा की. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नंदलाल राम ने बताया कि माखन लाल दास, धर्मेंद्र हाजरा, राजेश तांती एवं जीतन पासवान को प्रदेश उपाध्यक्ष, विनोद कुमार दास को प्रदेश महासचिव, ई. अविनाश पासवान एवं विजय कुमार चौधरी को प्रदेश सचिव, अशोक कुमार पासवान, विवेकानंद राम, हीरा पासवान, मनोज पासवान, अजय कुमार आज़ाद, राम बालक पासवान एवं सुरेंद्र राम को प्रदेश संगठन सचिव, सरोज पासवान एवं जय भवानी को प्रदेश संयुक्त सचिव तथा चंद्र विलास पासवान को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है.

प्रदेश युवा प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी की घोषणा करते हुये प्रदेश युवा अध्यक्ष शाहन परवेज़ ने बताया कि सोनू राज, नागमणि, चीकू रघुवंशी, आदित्य मेहता उर्फ आदि, अजय सिंह, मनोज बिहारी यादव, अजय कुमार एवं बरकत अली को प्रदेश उपाध्यक्ष, शाश्वत राय को प्रदेश महासचिव, शादाब अहमद खान एवं अन्नू कुमारी को प्रदेश सचिव, मो० शहनवाज अली, रोनित ठाकुर, चंदन कुमार, नवीन चंद साहनी, ज़ाहिर खान, नागेंद्र मांझी एवं सौरभ सिंह बिशु को प्रदेश संयुक्त सचिव, धनंजय कुमार सोनू, मो० रौनकउर रहमान, एवं आशुतोष कुमार को प्रदेश प्रवक्ता एवं दीपक कुमार को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है.

मौके पर मौजूद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहु ने सभी नये पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दी एवं जिला स्तर पर युवा एवं दलित प्रकोष्ठ की कमिटियों के निर्माण हेतु 15 नवम्बर तक की समय सीमा का निर्धारण किया.

आप ने मनाई सरदार पटेल की जयंती

आम आदमी पार्टी ने राजधानी स्थित प्रदेश कार्यालय में सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाया. मौके पर मौजूद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहु ने कहा कि सरदार पटेल सवा सौ करोड़ देशवासियों के हृदय में बसते हैं. उन्होंने गुजरात में सरदार पटेल की मंहगी मूर्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुये कहा कि यह प्रधानमंत्री जी की सीमित समझ एवं अदूरदर्शिता को दर्शाता है। 3500 करोड़ की मूर्ति बनाना देश की गरीब जनता के साथ एक क्रूर मजाक है। यह सब देख कर सरदार पटेल जी की आत्मा कराहती होगी.

साहु ने कहा कि आज देश को यूनिवर्सिटी_ऑफ_यूनिटी की जरूरत थी. अगर खुद सरदार बल्लभ भाई पटेल से उनकी ख्वाहिश के बारे में पूछने का अवसर होता तो वे निश्चित ही मूर्ति की जगह विश्वविद्यालय बनाने की बात कहते. साहु ने कहा कि एक तरफ जब देश की अर्थव्यवस्था बिखरने की कगार पर है, युवा बेरोजगारी से त्राहिमाम हैं, ज्यादातर सरकारी स्कूल-विश्वविद्यालय एवं अस्पताल खस्ताहाल हैं, ऐसे समय में सरकारी फंड से इतना अधिक खर्च करके मूर्ति बनाना सरकार की जनता के प्रति लापरवाह रवैये को दिखाता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना जिलाध्यक्ष चौधरी ब्रह्मप्रकाश ने की.