इस राजा की मदद कौन करेगा, राज्य सरकार या केंद्र सरकार?

लाइवसिटीज डेस्क / भागलपुरः मिलिए राजा से. उम्र सिर्फ 9-10 साल और जिम्मेदारी पूरे परिवार की. लोग जब राजा को अपने पांच साल के भाई को दुलराते, खाना खिलाते देखते हैं तो हृदय द्रवित हो जाता है. आंखों में बरबस आंसू आ जाते हैं.
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब ललमटिया थाने के सामने रहने वाले छोटे-से बालक राजा को भी उसकी मां दुलराती थी. बहन खिझाती थी. लेकिन, एक हादसे में उसका सब कुछ तबाह हुआ. पहले मां की मौत हुई. फिर बहन की. और उसके बाद उसके पिता भी यह संसार छोड़ कर चले गए. 
14 नवंबर की शाम राजा के घर में गैस सिलिंडर फटा था. हादसे में राजा की मां सज्जन देवी (38), पिता कपिल देव (45), बहन करीना (10) और दूसरी बहन चुलबुली बुरी तरह घायल हो गई थी. सबको अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन, इन सबकी हालत बिगड़ती चली गई.
18 नवंबर को मां मौत से लड़कर हार गई.raaja-123

पोस्टमार्टम के बाद 19 नवंबर को राजा ने ही बरारी घाट पर मां को मुखाग्नि दी. चिता जल ही रही थी कि बहन करीना की मौत की खबर अस्पताल से आ गई. अधजली लाश को गंगा किनारे छोड़कर राजा बहन के शव को लेने अस्पताल को भागा. उसकी अंत्येष्टि राजा ने ही की. इसके बाद वह अस्पताल में अभी भी मौत से जूझ रहे पिता की रक्षा के लिए प्रार्थना में जुट गया. लेकिन, ईश्वर ने प्रार्थना नहीं सुनी और 28 तारीख को पिता ने भी दम तोड़ दिया.
परिवार में अब राजा के अलावा चार सदस्य हैं. पांच साल का छोटा भाई विशाल और तीन बहनेः स्वीटी, चुलबुली और पायल. चुलबुली गंभीर रूप से जख्मी है. डॉक्टर भी चिंतित हैं. उसका अधिकांश शरीर जला हुआ है. पायल और स्वीटी शादी के लायक हैं.



राजा के पिता कपिल देव पेशे से ड्राइवर थे. अब राजा के पास परिवार चलाने वाला कोई नहीं. फिलहाल, पिता के छोटे भाई मदद कर रहे हैं. कल क्या होगा, कोई नहीं जानता. राजा अभी तक नाथनगर, गोलदारपट्टी के गवर्नमेंट स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था. क्या राजा अब भी पढ़ाई कर पाएगा? क्या राजा की मदद के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार के लिए कोई फंड नहीं?

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