देश के नौजवानों को जातीय संघर्ष में फंसाना चाहती है कांग्रेस : रोहित सिंह

लाइव सिटीज डेस्क : राष्ट्रीय सामाजिक न्याय मोर्चा के तत्वावधान में पटना के आईआईबीएम सभागार में सामाजिक समरसता एवं बाबा साहब अम्बेडकर विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस विचार गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामदत्त चक्रधर ने कहा कि डा. भीमराव अम्बेडकर महामानव थे. स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने का काम किया. रामदत्त चक्रधर ने बाबा साहब से जुड़े संस्मरणों को सुनाया साथ ही कहा कि बाबा साहब के विचारों से आरएसएस ओत-प्रोत है. इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में युवा चेतना के सुप्रीमो रोहित सिंह ने भी संबोधित किया.

मुख्य अतिथि के रूप में गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. संजय पासवान ने कहा कि बाबा साहब ने जीवन पर्यन्त सामाजिक बराबरी हेतु संघर्ष किया. यदि डा. अम्बेडकर नहीं होते तो देश के वंचितों को उनका अधिकार नहीं मिलता. डा. पासवान ने युवाओं से अपील किया कि बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलने की आवश्यकता है.

विशिष्ट अतिथि के रूप में संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के नौजवानों को जातीय संघर्ष में फँसाना चाहती है. रोहित सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को बाबा साहब के सामाजिक समरसता के भाव को समझना होगा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि देश भटकाव के दौर से गुज़र रहा है ऐसी परिस्थिति में बाबा साहब के विचार प्रासंगिक हैं. सभा का संचालन करते हुए भाजपा नेता नरेश महतो ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बाबा साहब की हिमायती बनने का दावा करती है परंतु 1989 में भाजपा समर्थित वीपी सिंह ने ही डा. अम्बेडकर को भारत रत्न दिया. कांग्रेस को देश की जनता से माफ़ी माँगना चाहिए. कार्यक्रम को नीलमणि पटेल, सनोज यादव, बिनोद कुमार बीनू, अंकुर तिवारी, रजनीकांत शुक्ल, राजीव राय अप्पू, रवि वर्मा आदि ने भी विचार रखे.

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