पटना पुलिस को मिली सफलता, अपहृत तीन साल के बच्चे को महज 6 घंटे में ढूंढ निकाला

फुलवारीशरीफ/ पटना (अजीत): पटना के गौरीचक थानेदार साकेत की तत्परता से चंडासी गांव से अपहृत तीन साल के मासूम बच्चे को राघोपुर दियारे से महज छः घंटे में बरामद कर लिया गया. पुलिस की इस बड़ी उपलब्धि से बच्चे के परिजनों में ख़ुशी का माहौल है.  बताया जाता है कि चन्डासी निवासी चिंटू के बेटे हिमांशु (3 वर्ष) का उस वक्त गांव के ही दो युवकों ने अपहरण कर लिया.

जब बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था. बच्चे की मां जब काफी देर तक उसे नहीं देखा तब बेचैन होकर बेटे को खोजने लगी. जिगर के टुकड़े को हर जगह खोजने के बाद भी जब उसका कोई आता पता नहीं चला तो मां का दिल जार-जार होकर रोने कल्पने लगा. मां कविता देवी को रोता देखकर परिवार के लोगों ने जब पूछा तो परिवार के लोगों का लाडला मासूम हिमांशु के गायब होने की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया.  पूरे गांव में चुलबुला बच्चा हिमांशु के गायब होने की बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गयी. बच्चे के लिए परिवार सहित पूरे गांव में लोगों ने खोजबीन शुरू कर दिया.

इसी बीच बच्चे परिवार के परिचित के मोबाइल पर उसके अपहरण की खबर मिली और अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को लौटाने के एवज में बतौर फिरौती दस लाख की रकम की डिमांड करके हिलाकर रख दिया. इसके बाद परेशान परिजनों ने गौरीचक थानेदार साकेत को खबर दिया तो थाना पुलिस में हड़कंप मच गया. थानेदार साकेत ने इसकी जानकारी तत्काल आला पुलिस अधिकारियों को दी.

गौरीचक के चंडासी गांव से सोमवार की सुबह कुछ लोगों ने एक तीन साल के बच्चे का अपहरण कर लिया. घटना के कुछ घंटे बीत जाने के बाद पीड़ित के परिजनों को अपहर्ताओं ने सूचना दी और एक मोटी रकम दस लाख रूपये फिरौती की मांग की. परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस हरकत में आई. इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने जहां देर रात बच्चे को बरामद कर लिया.

हालांकि बच्चे के अपहरन में शामिल अपहर्ता फरार होने में सफल हो गए. जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. चंडासी गांव निवासी असर्फी राय का तीन साल का पोता हिमांशु कुमार सोमवार की सुबह 9 बजे घर के दरवाजे पर खेल रहा था. उस वक़्त घर में उसकी मां कविता देवी रसोई में खाना बना रही थी. असर्फी राय गौरीचक बाजार गये हुए थे. थोड़ी देर बाद जब हिमांशु की मां ने अपने बच्चे की हरकत को नहीं सुना तो वह दरवाजे तक आयी और बेटे को वहां नहीं पा कर उसे ढूंढने लगी. उसकी मां ने फिर आसपास के घर के लोगों से पूछताछ शुरू की लेकिन कुछ जानकारी नहीं मिल सकी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की.

परिजनों के आशंका पर पड़ोस के ही दो लोग विमलेश और मनु कुमार को पुलिस ढूंढने लगी. इन दोनों की नापाक हरकतों से परिवार ने पुलिस को आशंका जाहिर करते हुए इनका नाम बताया था. जब पुलिस ने इन दोनों की तलाश की तो पता चला की दोनों ही गांव से फरार हैं. इसके बाद पुलिस मोबाइल पर फिरौती की डिमांड के नम्बरों की वैज्ञानिक तरीके से जांच पड़ताल शुरू किया तो इनका लोकेशन दियारे में मिला.  इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने राघोपुर के दियारे में छापेमारी की और देर रात बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. सदर डीएसपी किरण जाधव ने बताया कि पुलिस ने बच्चे को देर रात  राधोपुर थाना इलाके से बरामद कर लिया है. अपहर्ताओं की तलाश में छापेमारी की जा रही है, जो पुलिस गतिविधि को देख बच्चे को छोड़ फरार हो गए हैं.

थानेदार साकेत ने बताया की वरीय पुलिस अधिकारियो के निर्देशन में तत्काल एक विशेष टीम का गठन करके वैज्ञानिक अनुसन्धान शुरू किया गया तब पता चला की बच्चे के अपहरण के बाद जो फिरौती का कॉल आया है उसमे चंडासी गांव के ही दो यवक विमलेश और मन्नू शामिल हैं.  इनके बारे में बच्चे के परिवार के लोगों को भी शक था.  राघोपुर दियारे में पुलिस ने जब दाबिश दी तो दोनों अपहरणकर्ता फरार हो गये. पुलिस ने बच्चे को जब बरामद कर परिवार को सौंपा तो बच्चे की मुस्कान से सबका दिल जीत लिया.  पुलिस जल्द ही अपहरण कर्ताओं को गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही है. पुलिस का कहना है कि बच्चे का अपहरन केवल फिरौती की रकम के लिए ही किया गया था.

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