मुजफ्फरपुरः शेल्टर होम पर निगम का हथौड़ा, मैनुअली तोड़ा जा रहा है बिल्डिंग को

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः मुजफ्फरपुर महापाप मामले नें एक्शन पूरी रफ्तार पर है. आज 13 दिसंबर को बालिका गृह के बिल्डिंग पर हथौड़ा चलाना शुरू हो चुका है. इस कार्रवाई की शुरूआत पहले बुलडोजर से हुई लेकिन पड़ोसियों की आपत्ति के कारण अब ये काम मैलुअल हो रहा है. इससे पहले नगर निगम ने बालिका गृह भवन के ऊपर के दोनों तल्ले को खाली करा दिए थें.

आपको बता दें कि बुधवार की शाम को हीं नगर आयुक्त संजय दूबे ने चार इंजीनियरों की टीम को गुरुवार से मजदूर रखकर भवन तोड़ने का आदेश दिया था. जिसके बाद आज यह कार्रवाई हो रही है.10 मजदूरों की टीम ऊपर के दोनों तल्ले तोड़ने में लगी हैं. ​बालिका गुह के इस बिल्डिंग को तोड़ने के लिए गठीत टीम का नेतृत्व नगर निगम के कार्यपालक अभियंता सुरेश सिन्हा कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार बालिका गृह को तोड़ने का ये सारा काम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हो रहा है. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग को धवस्त करने की कार्रवाई पहले तो बुलडोजर से होनी थी लेकिन पड़ोसियों की नराजगी जताने के कारण इस कार्रवाई को अब मैनुअली यानी की मजदूरों से करया जा रहा है. वहीं इस बालिका गृह तक पहुचने का रास्ता भी बेहद संकरा है, ऐसे में अगर इस भवन को एक बार में तोड़ा जाता है तो पूरा रास्ता मलबे से ब्लॉक हो सकता था.

मलबा हटाने का खर्च ब्रजेश ठाकुर भरेगा

मलबे को निगम के ट्रैक्टर से हटाया जाएगा. प्रति खेप 700 रुपए चार्ज किया जाएगा. भवन तोड़ने से लेकर मलबा हटाने तक रोज 10 हजार रुपए का चार्ज ब्रजेश ठाकुर को ही देना होगा. नहीं देने पर उसकी जब्त संपत्ति से ही निगम भरपाई करेगा. आयुक्त ने कहा, ऊपर के दो तल्ले तोड़ने में ही दो माह लगने की संभावना है. इसमें करीब 10 लाख रुपए खर्च आ सकते हैं.

ऊपर के दो तल्लों को खाली कराया गया

नगर निगम की टीम बुधवार को 12 बजे बालिका गृह पहुंची. दोनों तल्ले से जब्त सामान को सूचीबद्ध करके ट्रैक्टर पर लादकर एमआरडीए में शिफ्ट किया. शाम 5 बजे टीम ने नगर आयुक्त को ऊपर के दोनों तल्ले खाली हो जाने की रिपोर्ट दी. इसके बाद नगर आयुक्त ने भवन तोड़ने का आदेश दिया. नगर निगम की ओर से भवन तोड़ने की धीमी गति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

नगर निगम के कर्मचारियों ने धीमी गति से तीन दिनों में बालिका गृह के दो तल्ले को खाली करा लिया लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर प्रात: कमल प्रेस वाले भाग और निचले तल्ले पर बालिका गृह के ऑफिस व अन्य कमरों को खाली नहीं किया गया है. इस वजह से पूरे भवन को तोड़े जाने पर संशय बरकरार है. नगर आयुक्त ने कहा कि ऊपर के दो तल्ले को तोड़ने की अवधि में प्रेस के सामान को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

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